ग्वालियर(ईन्यूज एमपी)- ग्वालियर जिले के कुलैथ गांव में आयोजित किसान सम्मेलन में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पट्टाधारी किसानों को बड़ी सौगात दी। उन्होंने घोषणा की कि पट्टे की जमीन की रजिस्ट्री अब संबंधित किसानों के नाम की जाएगी, जिससे वे बैंक से ऋण लेने में सक्षम हो सकेंगे। रजिस्ट्री का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी, जिस पर लगभग 3500 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। किसानों को मिलेगा मालिकाना हक मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय से पट्टे पर जमीन का उपयोग कर रहे किसानों को अब वैधानिक रूप से स्वामित्व का अधिकार मिलेगा। जमीन की रजिस्ट्री उनके नाम होने से आर्थिक गतिविधियों को बल मिलेगा और किसान आसानी से बैंक से लोन प्राप्त कर सकेंगे। 87.21 करोड़ के विकास कार्यों का भूमिपूजन सम्मेलन के दौरान 87 करोड़ 21 लाख रुपये की लागत से विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम में सांसद भारत सिंह कुशवाह, प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट, विधायक मोहन सिंह राठौर सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने कुलैथ ग्रामवासियों द्वारा सौंपे गए मांग पत्र को स्वीकार करते हुए सभी प्रमुख मांगों को पूरा कराने का आश्वासन भी दिया। प्रोत्साहन राशि की घोषणाएं मुख्यमंत्री ने सांस्कृतिक व खेल गतिविधियों को बढ़ावा देते हुए कन्हैया गायन करने वाली प्रत्येक टीम को 5-5 हजार रुपये देने की घोषणा की। बैलगाड़ी दौड़ में शामिल प्रत्येक किसान को भी 5-5 हजार रुपये प्रदान किए जाएंगे। प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले किसान को 21 हजार रुपये तथा द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले को 11 हजार रुपये दिए जाएंगे। प्रमुख घोषणाएं * महेश्वरा खदान को चालू कराने हेतु भारत सरकार से अनुमति दिलाने का प्रयास। * डांडेवाले बाबा मंदिर तक सड़क निर्माण एवं ट्रांसफार्मर की स्थापना। * जगन्नाथ भगवान मंदिर पर यात्रियों के लिए भवन एवं सड़क निर्माण। * गांव में खेल मैदान का निर्माण। * आसपास के क्षेत्र में उद्योग स्थापित करने की पहल। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है तथा ऐसी योजनाएं प्रदेश को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।