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Home मध्य प्रदेश किसान, युवा और नारी शक्ति पर फोकस: डिजिटल अंदाज में पेश हुआ मध्यप्रदेश का महाबजट

किसान, युवा और नारी शक्ति पर फोकस: डिजिटल अंदाज में पेश हुआ मध्यप्रदेश का महाबजट

भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने छठवीं बार बजट भाषण प्रस्तुत किया। बजट को पहले कैबिनेट के समक्ष रखा गया, जहां से इसे मंजूरी मिल गई। भाषण प्रारंभ होने से पहले विधायक ओमकार सिंह मरकाम ने विरोध दर्ज कराया।

वित्त मंत्री ने कहा कि यह बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मध्य प्रदेश में कोई नया टैक्स लागू नहीं किया गया है। यह बजट किसानों को समर्पित है और पहली बार डिजिटल स्वरूप में प्रस्तुत किया गया है। उनका कहना था कि हर युवा को रोजगार और हर उपज को उचित दाम दिलाना सरकार का लक्ष्य है।

कृषि और किसान कल्याण पर विशेष जोर देते हुए 1.15 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। किसानों को 25 हजार करोड़ रुपये का अल्पकालीन ऋण उपलब्ध कराया जाएगा, जबकि बिना ब्याज ऋण के लिए 720 करोड़ रुपये का प्रावधान है। पशुपालन के लिए 2364 करोड़ रुपये, मछली उत्पादन के लिए 412 करोड़ रुपये तथा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए 1299 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। एक लाख सोलर सिंचाई पंप उपलब्ध कराने और 100 लाख हेक्टेयर सिंचाई रकबा बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। मजरा टोला सड़क योजना के लिए 21630 करोड़ रुपये और सीएम कृषक उन्नति योजना के लिए 5500 करोड़ रुपये का प्रावधान है।

महिला एवं बाल कल्याण के अंतर्गत लाड़ली बहना योजना के लिए 23882 करोड़ रुपये तथा लाड़ली लक्ष्मी योजना के लिए 1852 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। लाड़ली बहना योजना से 1 करोड़ 25 लाख महिलाएं लाभान्वित होंगी। नारी कल्याण योजनाओं के लिए कुल 127555 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। 5700 वर्किंग वूमन हॉस्टल बनाए जाएंगे। 1 अप्रैल से तलाकशुदा बेटी को भी परिवार पेंशन देने की घोषणा की गई।

शिक्षा क्षेत्र में 15 हजार शिक्षकों की भर्ती प्रस्तावित है। छात्रवृत्ति के लिए 286 करोड़ रुपये और पीएमश्री योजना के लिए 530 करोड़ रुपये रखे गए हैं। 294 सांदीपनी स्कूल स्थापित किए जा रहे हैं। आठवीं तक के विद्यार्थियों को स्कूल में टेट्रा पैक में दूध उपलब्ध कराया जाएगा। 4 हजार सरदार पटेल कोचिंग सेंटर खोलने का लक्ष्य है।

स्वास्थ्य क्षेत्र में आयुष्मान योजना के लिए 2139 करोड़ रुपये, स्वच्छ भारत मिशन के लिए 400 करोड़ रुपये और जल जीवन मिशन के लिए 4454 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। खेल और युवा कल्याण के लिए 815 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। उद्यम क्रांति योजना के तहत 16451 युवाओं को ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।

अधोसंरचना विकास के लिए लोक निर्माण विभाग को 12690 करोड़ रुपये और सड़कों की मरम्मत के लिए 12960 करोड़ रुपये दिए गए हैं। छह शहरों में 472 ई-बसें शुरू की जा चुकी हैं। भोपाल और इंदौर में मेट्रो रेल सुविधा प्रारंभ हो चुकी है। उज्जैन सिंहस्थ महाकुंभ के लिए 13851 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। आने वाले पांच वर्षों में 10 लाख नए प्रधानमंत्री आवास बनाने का लक्ष्य है, जिसके लिए पीएम आवास योजना में 6850 करोड़ रुपये रखे गए हैं। पुलिस विभाग के लिए 14306 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

पर्यावरण संरक्षण के तहत 5 करोड़ 88 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। प्रदेश को देश की मिल्क कैपिटल बनाने की दिशा में भी कदम उठाने की बात कही गई।

नई आबकारी नीति 2026 को भी कैबिनेट से मंजूरी दी गई है। नई नीति के तहत पांच दुकानों के छोटे समूह बनाए जाएंगे, कोई नई दुकान नहीं खुलेगी और लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं होगा। ई-नीलामी 20 प्रतिशत अधिक दर पर की जाएगी।

वित्त मंत्री ने कहा कि यह बजट प्रदेश के संतुलित, समावेशी और दीर्घकालिक विकास का रोडमैप है, जो किसानों, युवाओं, महिलाओं और आमजन को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है।

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