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छतरपुर: बागेश्वर धाम में 302 कन्याओं का सामूहिक विवाह आज,सीएम मोहन यादव स्वयं निभाएंगे हल्दी की रस्म

छतरपुर(ईन्यूज एमपी) जिले के ग्राम गढ़ा स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल **बागेश्वर धाम** में 13 से 15 फरवरी तक आयोजित होने जा रहे सामूहिक कन्या विवाह महोत्सव की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। इस बार इस भव्य आयोजन में **302 बेटियों का विवाह** वैदिक परंपरा के साथ संपन्न कराया जाएगा, जिसमें आज शुक्रवार को हल्दी की रस्म आयोजित की जा रही है। छत्तीसगढ़ सरकार के शीर्ष नेतृत्व सहित राज्य के विभिन्न हिस्सों से हजारों श्रद्धालु बागेश्वर धाम पहुंचे हुए हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज हल्दी की रस्म में उपस्थित होंगे और पूरी विधि को पारंपरिक रूप से अंजाम देंगे। यह आयोजन महाशिवरात्रि के अवसर पर किया जा रहा है, जिससे इसका धार्मिक महत्व भी बढ़ गया है।

इस विशाल कन्या विवाह महोत्सव के तीन प्रमुख कार्यक्रम होंगे। 13 फरवरी को हल्दी, 14 फरवरी को मेहंदी की रस्में आयोजित की जाएंगी और 15 फरवरी को वैदिक मंत्रोच्चार के साथ इन बेटियों का विवाह संपन्न किया जाएगा।

महोत्सव के लिए देशभर से लगभग 1,648 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिसमें से अंतिम रूप से 302 बेटियों का चयन किया गया है। इनमें अनाथ, दिव्यांग और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियाँ शामिल हैं, जबकि प्रतिभागी उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, महाराष्ट्र, झारखंड, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ और नेपाल सहित कई राज्यों और देशों से हैं।

आयोजन में शामिल प्रत्येक दूल्हा-दुल्हन को बागेश्वर धाम की ओर से 30,000 रुपये की एफडी (फिक्स्ड डिपॉज़िट), धार्मिक ग्रंथ, वस्त्र, घरेलू उपयोग की सामग्री, एलईडी टीवी, सिलाई मशीन, गैस चूल्हा और फर्नीचर सहित कई उपहार प्रदान किए जाएंगे।

महोत्सव में संतों-महात्माओं, समाजसेवियों और देश-विदेश से आए अतिथियों की उपस्थिति से कार्यक्रम को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप भी मिलेगा। आयोजन का मुख्य उद्देश्य गरीब तथा जरूरतमंद परिवारों की बेटियों को सम्मानजनक विवाह के साथ सामाजिक मान्यता और आत्मनिर्भरता देना है।

बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को आयोजन की भव्यता व ऐतिहासिक स्वरूप के लिए पहचान मिली है, और उन्होंने कहा है कि इस प्रकार के सामाजिक कार्यक्रमों से समाज में जीवन-मान की स्थिति मजबूत होगी।

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