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Home मध्य प्रदेश एमपी कैबिनेट का बड़ा फैसला, 25 हजार विस्थापितों के पट्टों की रजिस्ट्री कराएगी सरकार, मिलेगा मालिकाना हक

एमपी कैबिनेट का बड़ा फैसला, 25 हजार विस्थापितों के पट्टों की रजिस्ट्री कराएगी सरकार, मिलेगा मालिकाना हक

भोपाल(ईन्यूज एमपी)-सरदार सरोवर परियोजना के डूब क्षेत्र में आने से विस्थापित परिवारों को वर्षों पहले आवासीय भूखंड तो आवंटित कर दिए गए थे, लेकिन पंजीयन नहीं होने के कारण उन्हें आज तक मालिकाना हक नहीं मिल सका। इसके चलते न तो वे बैंक ऋण ले पा रहे थे और न ही अन्य शासकीय सुविधाओं का लाभ उठा पा रहे थे। करीब 25 से 30 वर्षों से इस समस्या से जूझ रहे विस्थापितों के कई मामले न्यायालय तक भी पहुंचे थे।

इस स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में हुई कैबिनेट बैठक में बड़ा निर्णय लिया गया। कैबिनेट ने विस्थापितों को आवंटित आवासीय भूखंडों की रजिस्ट्री सरकारी खर्च पर कराने का फैसला किया है। इस निर्णय से सरकार पर लगभग 600 करोड़ रुपये का वित्तीय भार आएगा, जिसे राज्य सरकार वहन करेगी।

सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य कुमार काश्यप ने बताया कि नर्मदा घाटी की सरदार सरोवर परियोजना से प्रभावित 25 हजार दो विस्थापित परिवारों को इस निर्णय का लाभ मिलेगा। ये विस्थापित मनावर, धरमपुरी, कुक्षी, धार, बड़वानी, राजपुर, कसरावद और महेश्वर विधानसभा क्षेत्रों से संबंधित हैं। इनमें बड़ी संख्या में आदिवासी परिवार शामिल हैं। मानक संचालन प्रक्रिया के अनुसार पंजीयन शुल्क और स्टांप ड्यूटी की प्रतिपूर्ति नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण द्वारा की जाएगी।

कैबिनेट बैठक में मध्य प्रदेश राज्य समाज कल्याण बोर्ड को भंग करने और इसके कर्मचारियों का महिला एवं बाल विकास विभाग में संविलियन करने की भी स्वीकृति दी गई।

इसके साथ ही कैबिनेट ने संबल योजना सहित छह विभागों की दस योजनाओं को वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने के लिए 15,009 करोड़ रुपये की मंजूरी दी। इसमें असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए मुख्यमंत्री जनकल्याण योजना संबल हेतु 5,000 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए। इसके अलावा विधानसभा क्षेत्र निर्वाचन योजना, पशुपालन एवं डेयरी विभाग की डॉ. भीमराव आंबेडकर कामधेनु योजना, पशु विकास एवं गौ संवर्धन योजना के लिए 6,472 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई।

महिला एवं बाल विकास विभाग की किशोर कल्याण निधि योजना और घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं के लिए सहायता योजना के लिए 24.70 करोड़ रुपये तथा पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की अल्पसंख्यक स्वरोजगार एवं उद्यम योजना को भी कैबिनेट की स्वीकृति मिली।

बैठक में मैहर और कटनी जिले की दो सिंचाई परियोजनाओं को भी मंजूरी दी गई। 53 करोड़ 73 लाख रुपये की लागत वाली धनवाही सूक्ष्म दबाव सिंचाई परियोजना से 3,500 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी, जिससे नौ गांवों के 2,810 किसान लाभान्वित होंगे। वहीं 566 करोड़ 92 लाख रुपये की बरही सूक्ष्म उद्वहन सिंचाई परियोजना से बरही और विजयराघवगढ़ तहसीलों के 27 गांवों के 11,500 किसानों को लाभ मिलेगा और 20 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी।


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