भोपाल(ईन्यूज एमपी)-लंबे समय से लंबित राजनीतिक नियुक्तियों का इंतजार मध्यप्रदेश में जल्द समाप्त होने वाला है। निगम, मंडल, प्राधिकरण और आयोगों में बड़ी संख्या में नियुक्तियां किए जाने की तैयारी पूरी कर ली गई है। सत्ता और संगठन ने दिल्ली के सुझाव पर प्रस्तावित नामों की सूची तैयार कर ली है और संघ के साथ भी कुछ नामों पर विचार-विमर्श किया जा चुका है। सूची को दिल्ली भेज दिया गया है और वहां से हरी झंडी मिलते ही नियुक्ति आदेश जारी किए जाने की संभावना है। पहले 12 प्रमुख नियुक्तियों की थी योजना विधानसभा और लोकसभा चुनाव को दो वर्ष हो चुके हैं, लेकिन अब तक राजनीतिक नियुक्तियां नहीं हो पाई हैं। इससे जमीनी स्तर पर काम कर रहे जनप्रतिनिधियों और पदाधिकारियों में नाराजगी बढ़ती जा रही थी। इसी को देखते हुए जनवरी 2026 के पहले सप्ताह में 12 प्रमुख निगम-मंडलों और प्राधिकरणों में नियुक्तियां करने का निर्णय लिया गया था और नाम भी तय कर लिए गए थे। हालांकि, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव की प्रक्रिया शुरू होने से यह प्रक्रिया अटक गई। दिल्ली का संदेश: बड़ी सूची लाओ सूत्रों के अनुसार नियुक्तियों में देरी से बढ़ती नाराजगी दिल्ली तक पहुंच गई थी। इसके बाद केंद्रीय नेतृत्व ने स्पष्ट संदेश दिया कि 10-12 नामों से काम नहीं चलेगा, बल्कि बड़ी सूची तैयार कर एकमुश्त अधिकांश निगम-मंडलों और आयोगों में नियुक्तियां की जाएं। मैराथन बैठक में तय हुए कई नाम राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास पर मैराथन बैठक हुई, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल सहित अन्य प्रमुख नेता शामिल हुए। बैठक में निगम, मंडल और प्राधिकरणों के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पदों के लिए प्रस्तावित नामों की सूची को अंतिम रूप दिया गया। अब दिल्ली से अंतिम मंजूरी मिलते ही मध्यप्रदेश में लंबे समय से प्रतीक्षित राजनीतिक नियुक्तियों की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है, जिससे पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं में संतुलन साधने की कोशिश भी मानी जा रही है।