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एमपी के उत्तरी हिस्से में घना कोहरा, तीन दिन आंधी-बारिश का अलर्ट

भोपाल (ईन्यूज एमपी)-मध्य प्रदेश के उत्तरी हिस्से में ठंड और कोहरे का असर बना हुआ है। ग्वालियर, रीवा समेत प्रदेश के करीब 20 जिलों में मध्यम से घने कोहरे के कारण जनजीवन प्रभावित हो रहा है। कई स्थानों पर सुबह के समय दृश्यता बेहद कम दर्ज की गई है, जिससे सड़क और रेल यातायात पर असर पड़ा है।

मौसम विभाग के अनुसार, वेस्टर्न डिस्टरबेंस यानी पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से प्रदेश के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। 1, 2 और 3 फरवरी को आंधी और बारिश का दौर शुरू होने की संभावना है। इसका सबसे अधिक असर ग्वालियर, चंबल, सागर और उज्जैन संभाग में रहने की उम्मीद है। विभाग का कहना है कि 2 और 5 फरवरी को पश्चिम-उत्तरी भारत में नया सिस्टम सक्रिय होगा, जिसका प्रभाव मध्य प्रदेश में भी पड़ेगा। इसके चलते 10 फरवरी तक प्रदेश के कई हिस्सों में कहीं-कहीं बारिश हो सकती है।

शुक्रवार सुबह प्रदेश के कई जिलों में दृश्यता बेहद कम दर्ज की गई। सतना में 50 मीटर से भी कम विजिबिलिटी रही, जबकि रीवा में 50 से 200 मीटर तक दृश्यता दर्ज की गई। ग्वालियर और गुना में 200 से 500 मीटर, रायसेन, दमोह, नौगांव और सीधी में 500 से 1000 मीटर तक विजिबिलिटी रही। भोपाल, दतिया, खजुराहो और टीकमगढ़ में एक किलोमीटर से अधिक दृश्यता दर्ज की गई, जबकि नर्मदापुरम, इंदौर, राजगढ़, रतलाम, श्योपुर, उज्जैन, जबलपुर, मंडला, सागर, उमरिया और बालाघाट में दृश्यता 2 से 4 किलोमीटर के बीच रही। यह स्थिति मौसम विभाग द्वारा 30 जनवरी की सुबह की बताई गई है।

अगले तीन दिनों के मौसम को लेकर भी अलर्ट जारी किया गया है। 1 फरवरी को ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है। 2 फरवरी को नीमच, मंदसौर के साथ चंबल और ग्वालियर संभाग के कई जिलों में बारिश हो सकती है। वहीं 3 फरवरी को ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा में बारिश और आंधी का अलर्ट है।

बारिश शुरू होने से पहले प्रदेश में ठंड और कोहरे का असर लगातार बना हुआ है। शनिवार सुबह ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, अशोकनगर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, दमोह, कटनी, पन्ना, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में हल्के से मध्यम कोहरे का असर देखा गया। भोपाल समेत अन्य जिलों में भी सुबह के समय कोहरा छाया रहा।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पहाड़ी राज्यों हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में हो रही भारी बर्फबारी और बारिश का असर मध्य प्रदेश के मौसम पर भी पड़ रहा है। शुक्रवार को समुद्र तल से करीब 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर लगभग 204 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से जेट स्ट्रीम हवाएं चलीं, जिससे प्रदेश में ठंडी हवाओं का असर बढ़ा। इसके कारण कई शहरों में दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई।

मौसम विभाग का कहना है कि जब यह सिस्टम वापस लौटेगा, तब प्रदेश में एक बार फिर कड़ाके की ठंड का दौर आएगा। दिन और रात के तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है।

शुक्रवार सुबह सतना में सबसे घना कोहरा दर्ज किया गया, जहां 50 मीटर के बाद कुछ भी देख पाना मुश्किल था। वहीं, रात के समय भोपाल, ग्वालियर समेत करीब 25 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। राजगढ़ प्रदेश का सबसे ठंडा जिला रहा, जहां न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग के अनुसार भोपाल, मंदसौर, कटनी, शाजापुर, ग्वालियर, राजगढ़, पचमढ़ी, खजुराहो, दमोह, रीवा, रायसेन, शिवपुरी, दतिया, गुना, उमरिया, नौगांव, श्योपुर, धार, मंडला, रतलाम, टीकमगढ़, सागर और सतना में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से कम दर्ज किया गया।

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