सीधी(ईन्यूज एमपी)-सीधी जिले के जमोड़ी थाना क्षेत्र में सोमवार रात एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। अज्ञात हमलावरों ने बाइक से घर लौट रहे दो युवकों पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। दोनों युवकों की गर्दन में गोली लगने से वे गंभीर रूप से घायल हो गए। हालत नाजुक होने पर उन्हें संजय गांधी अस्पताल, रीवा रेफर किया गया है। घायलों की पहचान ग्राम सपनी दुआरी निवासी मानिक यादव और उसके साले ग्राम पड़खुरी नंबर-1 निवासी रजनीश यादव के रूप में हुई है। बताया गया कि दोनों युवक धनपुरी से अपने गांव लौट रहे थे। इसी दौरान रात करीब 8 बजे जब वे जमोड़ी थाना क्षेत्र के सुनसान और जंगलनुमा रास्ते से गुजर रहे थे, तभी पीछे से आई एक काले रंग की कार ने उनका रास्ता रोक लिया। कार से उतरे दो अज्ञात बदमाशों ने बाइक रोकने का इशारा किया। बाइक रुकते ही हमलावरों ने फायरिंग शुरू कर दी। कुल पांच राउंड गोलियां चलाई गईं, जिनमें से तीन गोलियां युवकों को लगीं, जबकि दो मिस फायर हो गईं। गोली लगते ही दोनों युवक सड़क पर गिर पड़े। इसके बाद हमलावर कार लेकर मौके से फरार हो गए। घटनास्थल से पुलिस को तीन खाली कारतूस बरामद हुए हैं। घायल रजनीश यादव ने बेहोश होने से पहले बताया कि बाइक रुकने के बाद उसने मोबाइल निकालने की कोशिश की थी, तभी अचानक गोली चलने की आवाज आई और वह जमीन पर गिर पड़ा। इसके बाद उसे कुछ भी होश नहीं रहा। घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया। परिजन और पुलिस मौके पर पहुंचे। घायलों को पहले जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर रीवा रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों के मुताबिक दोनों युवकों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है और वे बयान देने की स्थिति में नहीं हैं। पीड़ितों के परिजन मुन्ना यादव ने बताया कि मानिक और रजनीश का किसी से कोई पुराना विवाद नहीं था। अचानक हुए इस हमले से परिवार स्तब्ध है और हमले के कारणों को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। जमोड़ी थाना प्रभारी दिव्य प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि घटना की सूचना रात करीब 9 बजे मिली थी। पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल जंगल और सुनसान क्षेत्र में होने के कारण सीसीटीवी फुटेज नहीं मिल सका है। फिलहाल पुलिस सर्विलांस, तकनीकी साक्ष्य और संभावित रूट के आधार पर हमलावरों की तलाश कर रही है। घायलों के होश में आने के बाद उनके बयान दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। सीधी जिले में हुई इस वारदात के बाद कानून-व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। दिनदहाड़े नहीं, बल्कि रात के अंधेरे में खुलेआम फायरिंग ने आम लोगों में भय का माहौल बना दिया है।