सीधी (ईन्यूज एमपी)-मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राजधानी भोपाल से रविवार को कृषक कल्याण वर्ष-2026 का भव्य एवं गरिमामय शुभारंभ किया। जम्बूरी मैदान, भोपाल में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम के माध्यम से प्रदेश सरकार ने किसानों के सर्वांगीण विकास, समृद्धि और आत्मनिर्भरता का संकल्प दोहराया। कार्यक्रम का जिला एवं विकासखंड स्तर पर सीधा प्रसारण किया गया, जिससे बड़ी संख्या में कृषकों ने सहभागिता कर शासन की योजनाओं की जानकारी प्राप्त की। प्रदेश शासन द्वारा किसानों के कल्याण को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए जिला स्तरीय कार्यक्रम “कृषक कल्याण वर्ष 2026” का विधिवत आयोजन सांसद डॉ. राजेश मिश्रा के मुख्य आतिथ्य में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को नवीन कृषि तकनीकों, शासकीय योजनाओं एवं उत्पादन वृद्धि से जोड़कर उनकी आय में निरंतर वृद्धि सुनिश्चित करना है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद डॉ. राजेश मिश्रा ने कहा कि कृषक केवल अन्नदाता ही नहीं, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था की मजबूत आधारशिला हैं। किसानों का सशक्तिकरण ही समृद्ध प्रदेश का मार्ग प्रशस्त करता है। उन्होंने कहा कि कृषक कल्याण वर्ष 2026 के अंतर्गत फसल उत्पादन में वृद्धि, प्राकृतिक एवं जैविक खेती को प्रोत्साहन, उन्नत कृषि पद्धतियों के उपयोग, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, फसल बीमा, न्यूनतम समर्थन मूल्य तथा कृषकों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने हेतु शासन की विभिन्न योजनाओं को प्रभावी रूप से धरातल पर उतारा जाएगा। सांसद डॉ. मिश्रा ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के हित में निरंतर निर्णय ले रही है। उन्होंने कहा कि अब योजनाएं केवल कागजों तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि गांव-गांव पहुंचकर किसानों को प्रत्यक्ष रूप से लाभ दिलाया जाएगा। इसी क्रम में सांसद डॉ. राजेश मिश्रा ने ‘कृषक कल्याण वर्ष 2026’ के शुभारंभ अवसर पर कृषक रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह कृषक रथ प्रदेश के गांवों में भ्रमण कर किसानों को प्राकृतिक खेती, उन्नत कृषि पद्धतियों, नवीन तकनीकों, श्रीअन्न, फसल विविधीकरण तथा केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं की समुचित एवं व्यवहारिक जानकारी प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि यह रथ किसानों और शासन के बीच सेतु बनकर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। सांसद डॉ. मिश्रा ने श्रीअन्न के महत्व पर भी विशेष रूप से प्रकाश डालते हुए कहा कि जिले में महुआ, कटहल एवं दलहन फसलों से जुड़े मूल्यवर्धित उत्पादों के माध्यम से किसान अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर रहे हैं। ऐसे प्रयासों को और अधिक प्रोत्साहित कर किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। कार्यक्रम में समाजसेवी देव कुमार सिंह चौहान एवं इंद्रशरण सिंह चौहान ने कृषक कल्याण वर्ष 2026 के सफल क्रियान्वयन हेतु किसानों को जागरूक करने, योजनाओं का अधिकाधिक लाभ लेने तथा कृषि को लाभ का व्यवसाय बनाने का आह्वान किया। इस अवसर पर उप संचालक कृषि विभाग डॉ. राजेश सिंह ने किसानों को केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने उन्नत बीज, प्राकृतिक एवं जैविक खेती, आधुनिक कृषि यंत्रों तथा तकनीकी नवाचारों के उपयोग पर प्रकाश डालते हुए किसानों से शासन की योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने का आग्रह किया। कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य सरस्वती बहेलिया, पार्षद आनंद परियानी, मंडी सचिव रावेंद्र अग्निहोत्री, सहायक संचालक कृषि गीता पटेल, सहायक संचालक मत्स्य विभाग शुक्ला, एसडीओ विवेक दुबे, डॉ. देवेंद्र त्रिपाठी, कमल कामदार, पंकज पांडेय, निशांत मिश्रा, अमित प्रधान, सुरेन्द्रमणि दुबे, सुनीता रानी वर्मा, शिवदान साकेत, कंचन केशरी, धर्मेन्द्र सोनी, मुनिराज विश्वकर्मा, राजकुमार पटेल सहित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने सहभागिता कर कृषकों के हित में संचालित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का संकल्प लिया।