सीधी(ईन्यूज एमपी)-मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की संवेदनशील सोच और त्वरित निर्णय का एक प्रेरक उदाहरण सामने आया है। सीधी प्रवास के दौरान बहरी में आयोजित कार्यक्रम में कुसमी विकासखंड के ग्राम देउमाठ निवासी वनांचल की बिटिया अनामिका बैगा ने मुख्यमंत्री से मेडिकल की पढ़ाई में सहयोग का अनुरोध किया था। मुख्यमंत्री ने तत्काल संज्ञान लेते हुए उसे हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। अनामिका बैगा वर्तमान में नीट (NEET) परीक्षा की तैयारी कर रही हैं, जिसके लिए कोचिंग, छात्रावास एवं अध्ययन सामग्री की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि अनामिका की जरूरतों के अनुरूप शीघ्र एवं प्रभावी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि भविष्य में मेडिकल कॉलेज में चयन होने पर राज्य सरकार उसकी पढ़ाई में हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री के निर्देशों के पालन में कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी ने अनामिका बैगा से मुलाकात की। कलेक्टर ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत शैलेन्द्र सिंह सोलंकी को निर्देशित किया कि अनामिका को नीट परीक्षा की तैयारी के लिए आवश्यक पुस्तकें, कोचिंग सुविधा एवं छात्रावास की व्यवस्था तत्काल सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही अनामिका बैगा एवं उनके पिता रामकुमार बैगा से अन्य आवश्यक सुविधाओं की जानकारी लेकर उपखंड अधिकारी कुसमी एवं जनजातीय कार्य विभाग को परीक्षण कर उन्हें सभी पात्र हितग्राहीमूलक योजनाओं से जोड़ने के निर्देश भी दिए गए। मुख्यमंत्री की यह पहल न केवल एक प्रतिभाशाली छात्रा के सपनों को नई उड़ान दे रही है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि प्रदेश सरकार वनांचल और जनजातीय अंचलों की बेटियों की शिक्षा और भविष्य को लेकर पूरी तरह संवेदनशील और प्रतिबद्ध है।