enewsmp.com
Home सीधी दर्पण 10 हजार किसानों के खेतों तक पहुंचेगा बेलहा डैम का पानी....विधायक कुंवर सिंह टेकाम

10 हजार किसानों के खेतों तक पहुंचेगा बेलहा डैम का पानी....विधायक कुंवर सिंह टेकाम

कुसमी(ईन्यूज एमपी)-सीधी जिले के कुसमी जनपद पंचायत अंतर्गत पिपराही ग्राम पंचायत के पास से बहने वाली बिजोर नदी के जल को मझौली जनपद पंचायत स्थित बेलहा डैम तक पहुंचाकर वर्षों से बंजर पड़ी भूमि को पुनः सिंचाई से जोड़ा गया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना से 14 से 15 गांवों के 10 हजार से अधिक किसानों को लाभ मिलेगा तथा लगभग 875 से 950 हेक्टेयर कृषि भूमि को स्थायी सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी।

पूर्व में बेलहा डैम अपनी कुल क्षमता का मात्र 0.80 एमसीएम पानी ही भर पाता था, जिससे केवल लगभग 300 हेक्टेयर भूमि की ही सिंचाई संभव थी। बिजोर नदी से जल जोड़ने के बाद अब डैम अपनी पूर्ण क्षमता की ओर अग्रसर है और इसके माध्यम से लगभग 800 हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि को सिंचाई सुविधा से जोड़ा गया है।

क्षेत्रीय विधायक कुंवर सिंह टेकाम ने जानकारी देते हुए बताया कि ‘नदी जोड़ो अभियान’ की यह पहल भारत रत्न श्रद्धेय पंडित अटल बिहारी वाजपेयी की दूरदर्शी सोच से प्रेरित है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में साकार किया जा रहा है। किसान हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने वाले केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के मार्गदर्शन, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल के सहयोग से यह जनकल्याणकारी परियोजना धरातल पर सफलतापूर्वक पूर्ण हो सकी है।

परियोजना के अंतर्गत डायवर्सन वियर, 2700 मीटर लंबी फीडर चैनल एवं सुरंग निर्माण जैसे तकनीकी कार्य किए गए हैं, जिससे यह सुनिश्चित किया गया है कि जल अंतिम छोर तक पहुंचे और किसान मोटर पंप के माध्यम से सीधे अपने खेतों में सिंचाई कर सकें। मझौली जनपद पंचायत क्षेत्र में बेलहा डैम से लगभग 800 हेक्टेयर तथा कुसमी जनपद पंचायत के 74 सेक्टर नहर से सिंचाई की व्यवस्था की गई है।

विधायक टेकाम ने इस परियोजना को समयबद्ध एवं प्रभावी रूप से पूर्ण कराने के लिए जिला प्रशासन और आरईएस विभाग के अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस बड़े प्रोजेक्ट में भाजपा के सभी जनप्रतिनिधियों सहित विवेक शुक्ला ‘विक्कू’ का योगदान भी सराहनीय रहा है।

विधायक कुंवर सिंह टेकाम ने कहा कि यह परियोजना केवल एक सिंचाई योजना नहीं, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने, कृषि उत्पादन में वृद्धि करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में एक ठोस कदम है।
उन्होंने कहा— “हमारा संकल्प स्पष्ट है—जल संरक्षण भी, विकास भी। किसान सशक्त तो गांव समृद्ध, गांव समृद्ध तो प्रदेश प्रगतिशील। जल है तो कल है।”

Share:

Leave a Comment