भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश के प्रमुख शहरों में वायु गुणवत्ता गंभीर रूप से बिगड़ गई है और इसका प्रभाव लोगों की सेहत पर खतरनाक स्तर तक पहुंच चुका है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) की सेंट्रल जोन बेंच ने सोमवार को राज्य सरकार और संबंधित विभागों को वायु प्रदूषण की स्थिति पर छह सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट देने के निर्देश जारी किए हैं। NGT ने पाया है कि प्रदेश के आठ शहर — भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन, सागर, देवास और सिंगरौली — राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता मानकों को लगातार पूरा नहीं कर पा रहे हैं। इन शहरों का एयर क्वालिटी इंडेक्स लंबे समय से “नॉन-अटेनमेंट” श्रेणी में बना हुआ है, जो दर्शाता है कि हवा में हानिकारक कणों की मात्रा सुरक्षित स्तर से काफी अधिक है। शरीर के लिए सबसे खतरनाक प्रदूषक पीएम2.5 और पीएम10 का स्तर भी अत्यधिक बढ़ा हुआ है। उदाहरण के लिए, भोपाल में पीएम10 का स्तर कई जगह 130 से 190 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर तक पहुंचा, जो सुरक्षित सीमा से तीन गुना से अधिक है। ऐसे प्रदूषण स्तर से सांस संबंधी समस्याओं, फेफड़ों और हृदय रोगों का खतरा बढ़ता है। NGT ने कहा है कि हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली और आसपास के प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान लागू किया है, मध्यप्रदेश में अब तक एक प्रभावी राज्य स्तरीय नीति का पालन नहीं हो रहा है। इससे प्रदूषण का स्तर और अधिक गंभीर हो रहा है। एनजीटी ने सरकार और प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों को इस मुद्दे पर जवाब देने और ठोस कदम उठाने के लिए निर्देश दिए हैं। एक उच्च स्तरीय संयुक्त समिति का गठन किया गया है, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल हैं और उन्हें छह सप्ताह के भीतर स्थिति का आकलन कर रिपोर्ट पेश करने को कहा गया है। मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटल एजेंसी के तौर पर कार्य सौंपा गया है। अगली सुनवाई 18 मार्च 2026 को होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रदूषण के प्रमुख कारणों में पराली जलाना, निर्माण गतिविधियों से धूल, वाहनों के उत्सर्जन और खुले में कचरा जलाना शामिल हैं। शीतकाल के कारण तापमान का उलटा प्रवाह भी कणों को जमीन के पास रोकता है और प्रदूषण को और बढ़ा देता है। जन स्वास्थ्य और जीवन की गुणवत्ता को ध्यान में रखते हुए हवा को स्वच्छ रखना आवश्यक बताया गया है, इसलिए NGT ने स्वच्छ हवा को नागरिकों का मौलिक अधिकार बताया और राज्य सरकार को जवाब देने के लिए नोटिस जारी किया है।