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Home सीधी दर्पण उल्टा चोर कोतवाल को डांटे, अमिलिया में रेत चोरी रोकने पहुंचे वनकर्मियों और पुलिस से मारपीट, वीडियो वायरल कर लगाए उल्टे आरोप

उल्टा चोर कोतवाल को डांटे, अमिलिया में रेत चोरी रोकने पहुंचे वनकर्मियों और पुलिस से मारपीट, वीडियो वायरल कर लगाए उल्टे आरोप

सीधी(ईन्यूज एमपी)-सीधी जिले के अमिलिया थाना क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन को लेकर गंभीर मामला सामने आया है, जहां रात के अंधेरे में रेत चोरी कर रहे आरोपियों ने पहले वन विभाग के कर्मचारियों के साथ मारपीट की और बाद में पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए उल्टा पुलिस पर ही गलत व्यवहार के आरोप लगाते हुए सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल कर दिया।
जानकारी के अनुसार 4 जनवरी 2026 की रात सोनघड़ियाल वन परिक्षेत्र क्षेत्र में वन विभाग के सुरक्षा श्रमिक नियमित रात्रिकालीन गश्त पर तैनात थे। इसी दौरान लिलवार घाट के पास आनंद गुप्ता और उसका भाई आशीष गुप्ता, निवासी हिनौती, अवैध रूप से रेत उत्खनन कर मोटरसाइकिल से परिवहन करते पाए गए। वनकर्मियों द्वारा रोकने पर आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए उनके साथ धक्का-मुक्की और मारपीट शुरू कर दी।
मारपीट के दौरान वनकर्मियों को हाथ, गर्दन, कमर और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आईं। आरोपियों द्वारा जान से मारने की धमकी भी दी गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। वन विभाग के कर्मचारियों ने किसी तरह अपनी जान बचाकर घटना की सूचना वरिष्ठ अधिकारियों और पुलिस को दी।
वन विभाग की लिखित रिपोर्ट के आधार पर अमिलिया पुलिस जब आरोपियों से पूछताछ करने उनके घर पहुंची, तब आरोपियों और उनके परिजनों ने पुलिस अमले के साथ भी छीना-झपटी और विवाद किया। इस दौरान शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाई गई और पुलिस पर दबाव बनाने का प्रयास किया गया।
कार्रवाई से बचने के उद्देश्य से आरोपियों और उनके परिजनों द्वारा घटना का आंशिक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया और पुलिस पर ही गलत कार्रवाई के आरोप लगाए गए, जबकि वास्तविकता में आरोपी अवैध रेत चोरी करते हुए पकड़े गए थे।
मामले में वन विभाग के कर्मचारी संदीप कुमार सोनकर की शिकायत पर अमिलिया थाना में अपराध क्रमांक 0012/2026 दर्ज किया गया है। FIR में आनंद गुप्ता और आशीष गुप्ता को आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने मामले को शासकीय कार्य में बाधा, मारपीट, धमकी और अवैध खनन से जुड़ा गंभीर अपराध मानते हुए विवेचना शुरू कर दी है। सोशल मीडिया पर वायरल किया गया वीडियो क्या भ्रामक और एकतरफा है....? यह तो अधिकारी ही स्पष्ट करेंगें कि अवैध खनन और शासकीय कर्मचारियों पर हमले के मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी या मामला शोषल मीडिया तक ही सीमित रहेगा ...

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