सीधी -प्रगतिशील लेखक संघ इकाई सीधी का जिला सम्मेलन सम्पन्न हुआ। सम्मेलन के मुख्य अतिथि- संरक्षक राजेंद्र सिंह भदौरिया रहे। विशिष्ट अतिथि- के रूप में प्रो. अनिल सिंह, जगदीश मिश्रा उपस्थित रहे। अध्यक्षता- इकाई अध्यक्ष सोमेश्वर सिंह ने की। सम्मेलन में प्रलेस के 90 वे स्थापना वर्ष परआगामी अप्रैल माह में प्रस्तावित प्रगतिशील लेखक संघ मध्य प्रदेश के प्रांतीय अधिवेशन पर विस्तार से चर्चा की गई। निर्णय लिया गया कि सीधी इकाई के कवी साथियों का एक कविता संग्रह प्रकाशित किया जाए जिसका लोकार्पण आगामी प्रांतीय अधिवेशन में कराया जाए। जिसके लिए कई साथियों से पांच-पांच प्रतिनिधि कविताएं आमंत्रित की गई हैं। सम्मेलन को संबोधित करते हुए वरिष्ठ साहित्यकार प्रो. अनिल सिंह "सत्यप्रिय" ने अपने सारगर्भित उद्बोधन में कहा- कि आज देश में संस्कृति की उन्मादी ढंग से व्याख्या की जा रही है। यह बुद्ध, गांधी, कबीर का देश है। जहां प्रेम और अहिंसा को महत्व दिया गया है। आज संवेदनाओं को मारा जा रहा है। हमारी समावेशी और साझा संस्कृति की जड़ों को कमजोर किया जा रहा है। संसद में भी कुबोल बोलकर विषाक्त संवाद किया जाता है। ------------------------------------- सोमेश्वर सिंह पुनःअध्यक्ष ------------------------------------- प्रांतीय सचिव मंडल के सदस्य- शिव शंकर मिश्रा सरस पर्यवेक्षक थे। जिन्होंने जिला इकाई के विस्तारित पुनर्गठन की घोषणा की। जिसमें संरक्षक,- राजेंद्र भदौरिया, अध्यक्ष- सोमेश्वर सिंह, अध्यक्ष मंडल- धीरेंद्र त्रिपाठी, महेंद्र सिंह गौतम, जय सिंह गगन, उपाध्यक्ष- रावेद्र शुक्ला, रामराज यादव, गणेश विश्वकर्मा महासचिव- अशोक तिवारी अकेला, सचिव मंडल- संतोष तिवारी, कु. सुष्मिता द्विवेदी, कार्तिकानंद सोनी तथा कार्यकारिणी सदस्य- के रूप में प्रो. अनिल सिंह, शिव शंकर मिश्रा सरस, जगदीश मिश्रा, राजीव सिंह चौहान, एसपी द्विवेदी तथा कमलापति गौतम को चुना गया। सोमेश्वर सिंह को इकाई का दुबारा अध्यक्ष चुना गया है। इस अवसर पर युवा कवित्री कु.सुष्मिता द्विवेदी के प्रकाशित कविता संग्रह-' सूनी आंखें बोलती हैं मेरी"का विद्वजनों ने विस्तार से विमर्श किया। नव वर्ष के उपलक्ष में काव्य गोष्ठी भी हुई जिसमें नवगठित प्रदेश इकाई के पदाधिकारी कार्यकारिणी सदस्यों सहित कवि सत्यम तिवारी, विश्वास जी सहित अन्य कवियों ने काव्य पाठ किया।