सीधी(ईन्यूज एमपी)-सीधी पुलिस ने मानवीय संवेदनशीलता और तकनीकी दक्षता का परिचय देते हुए घर से भागे तीन नाबालिग बच्चों को भोपाल से सकुशल बरामद कर उनके परिजनों को सौंप दिया। बच्चों की सुरक्षित वापसी पर परिजनों की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े। पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी के निर्देशन में यह कार्रवाई की गई। बीते वर्ष के अंतिम दिनों में थाना मझौली क्षेत्र के तीन अलग-अलग परिवारों ने अपने नाबालिग बच्चों के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सूचना मिलते ही पुलिस ने गंभीरता से मामला लेते हुए तत्काल खोजबीन शुरू की। जांच के दौरान बच्चों ने बताया कि वे अपने माता-पिता से स्मार्टफोन की मांग कर रहे थे। मांग पूरी न होने पर वे नाराज होकर पैसे कमाने की सोच के साथ घर से निकल गए थे। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अरविंद श्रीवास्तव एवं एसडीओपी चुरहट/कुसमी आशुतोष द्विवेदी के मार्गदर्शन में तीन विशेष टीमों का गठन किया गया। पुलिस टीमों ने मझौली से लेकर अन्य संभावित मार्गों पर लगे करीब 60 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। तकनीकी विश्लेषण और मुखबिर तंत्र की मदद से बच्चों की लोकेशन भोपाल में ट्रेस की गई। इसके बाद पुलिस टीम भोपाल पहुंची और तीनों नाबालिगों को सुरक्षित अपनी अभिरक्षा में लिया। सभी आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद बच्चों को उनके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया गया। बच्चों को सकुशल पाकर परिजनों ने पुलिस टीम का आभार व्यक्त किया। पुलिस अधीक्षक ने इस सफल रेस्क्यू ऑपरेशन में शामिल पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी मझौली उप निरीक्षक विशाल शर्मा, उप निरीक्षक पी.एल. टांडिया, सहायक उप निरीक्षक संतोष साकेत, प्रधान आरक्षक नितेश प्रजापति, विजय, राजकुमार सिंह, रामनरेश, आरक्षक अक्षय तिवारी एवं चालक आरक्षक अलताज मंसूरी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों से निरंतर संवाद बनाए रखें और उनकी गतिविधियों पर ध्यान दें, ताकि इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।