enewsmp.com
Home सीधी दर्पण नए साल से पहले जंगल में जंग, सीधी के संजय टाइगर में भिड़े दो नर बाघ,पर्यटक बने गवाह

नए साल से पहले जंगल में जंग, सीधी के संजय टाइगर में भिड़े दो नर बाघ,पर्यटक बने गवाह

सीधी(ईन्यूज एमपी)-वर्ष 2025 के आखिरी दिन संजय टाइगर रिजर्व, सीधी में प्रातःकालीन सफारी पर पहुंचे पर्यटक एक दुर्लभ और रोमांचक वन्यजीव घटना के साक्षी बने। पार्क के अंदर जैसे ही पर्यटकों की जिप्सियां पहुंचीं, तभी दो नर बाघों के बीच क्षेत्रीय वर्चस्व और सम्प्रभुता को लेकर भीषण संघर्ष चल रहा था। इस अद्भुत और दुर्लभ दृश्य को पर्यटकों ने अपने कैमरों में कैद किया।

वन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, संघर्ष में शामिल बाघों की पहचान टी-56 एवं दुबरी परिक्षेत्र में हाल ही में आए नए नर बाघ के रूप में की गई है। यह घटना दुबरी परिक्षेत्र की बीट बहेरवार के कक्ष क्रमांक आर.एफ. 166 में घटित हुई। संघर्ष के बाद दोनों बाघ घायल बताए जा रहे हैं, जिनकी निगरानी वन विभाग द्वारा सतत रूप से की जा रही है।

घायल बाघों की निगरानी के लिए तीन हाथी, दो जिप्सियां तथा लगभग 25 वनकर्मी तैनात किए गए हैं। संजय टाइगर रिजर्व के वन्यप्राणी स्वास्थ्य अधिकारी भी मौके पर मौजूद हैं और बाघों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

उल्लेखनीय है कि संजय टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या बढ़ने के साथ ही उनके बीच आपसी संघर्ष की घटनाओं में भी वृद्धि देखी जा रही है। कुछ दिन पूर्व भी नर बाघ टी-61 और मादा बाघ टी-60 के बीच संघर्ष की घटना सामने आई थी, जिसमें टी-61 द्वारा टी-60 के दो शावकों को मार दिए जाने की पुष्टि हुई थी।

वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, टाइगर इकोलॉजी में क्षेत्रीय वर्चस्व और प्रभुत्व स्थापित करने के लिए इस प्रकार के संघर्ष एक प्राकृतिक प्रक्रिया का हिस्सा हैं। यह संघर्ष ‘सर्वाइवल ऑफ द फिटेस्ट’ के सिद्धांत को दर्शाता है, जो प्रकृति के संतुलन और प्रजाति के विकास के लिए आवश्यक माना जाता है।

Share:

Leave a Comment