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Home मध्य प्रदेश प्रदेश में SIR के तहत मतदाता सूची का ड्राफ्ट जारी, 42.74 लाख नाम हटे, 8.40 लाख का मिलान शेष, 14 फरवरी 2026 तक दावा–आपत्ति का अवसर

प्रदेश में SIR के तहत मतदाता सूची का ड्राफ्ट जारी, 42.74 लाख नाम हटे, 8.40 लाख का मिलान शेष, 14 फरवरी 2026 तक दावा–आपत्ति का अवसर

भोपाल(ईन्यूज एमपी)-मध्यप्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) के तहत मतदाता सूची का ड्राफ्ट जारी कर दिया गया है। मंगलवार दोपहर निर्वाचन आयोग ने इसे सार्वजनिक किया। ड्राफ्ट सूची के अनुसार प्रदेश में कुल 42.74 लाख नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं, जबकि 8.40 लाख ऐसे नाम हैं, जिनका अब तक मिलान नहीं हो सका है।इनमें 19.19 लाख पुरुष और 23.64 लाख महिलाएं हैं।
निर्वाचन आयोग इन मतदाताओं को नोटिस देकर नाम दोबारा जुड़वाने का अवसर देगा।

ड्राफ्ट सूची को चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट और Voter Helpline App के माध्यम से ऑनलाइन देखा जा सकता है। ऑफलाइन निरीक्षण के लिए संबंधित मतदान केंद्र के बूथ लेवल ऑफिसर (BLO), तहसील कार्यालय या जिला निर्वाचन कार्यालय में सूची उपलब्ध रहेगी।

45 दिन तक चला घर-घर सत्यापन

SIR की प्रक्रिया 7 नवंबर से शुरू होकर करीब 45 दिन तक चली। इस दौरान हजारों BLO ने घर-घर जाकर मतदाताओं का भौतिक सत्यापन किया। इस प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी योग्य मतदाता सूची से वंचित न रहे और कोई भी अयोग्य नाम सूची में शामिल न हो।

नाम नहीं होने पर घबराने की जरूरत नहीं

यदि किसी मतदाता का नाम 2003 या पूर्व की सूची में था लेकिन 2025 की ड्राफ्ट सूची में नहीं है, तो यह अंतिम निर्णय नहीं माना जाएगा। सत्यापन के दौरान पता न मिलने, डुप्लीकेसी या तकनीकी त्रुटि के कारण नाम हटाया गया हो सकता है। ऐसे मतदाता फॉर्म-6 भरकर अपना नाम पुनः जुड़वा सकते हैं। इसके लिए 14 फरवरी 2026 तक का समय दिया गया है।

दावा–आपत्ति की पूरी व्यवस्था

नया नाम जोड़ने के लिए: फॉर्म-6
नाम हटाने पर आपत्ति के लिए: फॉर्म-7
नाम, पता या अन्य विवरण में सुधार के लिए: फॉर्म-8

ये आवेदन ऑनलाइन Voter Helpline App या ऑफलाइन BLO के माध्यम से किए जा सकते हैं।

दस्तावेजों के आधार पर सत्यापन

निर्वाचन आयोग ने पहचान और नागरिकता प्रमाण के लिए 11 प्रकार के दस्तावेज मान्य किए हैं, जिनमें आधार कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र, भारतीय पासपोर्ट, 10वीं की मार्कशीट, स्थायी निवास प्रमाण पत्र, परिवार रजिस्टर, जाति प्रमाण पत्र आदि शामिल हैं। जन्मतिथि के अनुसार माता-पिता की नागरिकता से जुड़े दस्तावेज भी आवश्यक हो सकते हैं।

एक पते पर अधिक नाम होने पर होगी जांच

यदि एक ही पते पर असामान्य रूप से अधिक मतदाता पंजीकृत पाए जाते हैं, तो BLO द्वारा अनिवार्य भौतिक सत्यापन किया जाएगा। गलत पाए जाने पर नाम हटाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

मतदान केंद्रों की संख्या बढ़ी

SIR के बाद मतदाताओं की संख्या के पुनर्संतुलन से प्रदेश में मतदान केंद्रों की संख्या बढ़कर 71,930 हो गई है। चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार शहरी क्षेत्र में एक बूथ पर अधिकतम 1200 और ग्रामीण क्षेत्र में 1000 मतदाता ही होने चाहिए।

हटाए गए नामों की अलग सूची भी होगी जारी

पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन (21 फरवरी 2026) के साथ हटाए गए नामों की अलग सूची भी जारी की जाएगी, जिसमें नाम हटाने का कारण दर्ज होगा। यह सूची मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को भी उपलब्ध कराई जाएगी।

निर्वाचन आयोग ने सभी मतदाताओं से अपील की है कि वे ड्राफ्ट सूची में अपना नाम अवश्य जांचें और यदि कोई त्रुटि हो तो समय-सीमा के भीतर दावा–आपत्ति दर्ज कराएं, ताकि अंतिम मतदाता सूची पूरी तरह शुद्ध और निष्पक्ष हो सके।

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