भोपाल(ईन्यूज एमपी)-मध्यप्रदेश शासन ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी संतोष वर्मा के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। राज्य सरकार ने केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) को विस्तृत पत्र भेजते हुए उनके विरुद्ध बर्खास्तगी का प्रस्ताव प्रेषित किया है। शासन स्तर पर यह कार्रवाई फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पदोन्नति और IAS अवॉर्ड प्राप्त करने के आरोपों को लेकर की जा रही है। शासन द्वारा भेजे गए पत्र में उल्लेख किया गया है कि संतोष वर्मा पर फर्जी न्यायालय आदेश के आधार पर पदोन्नति प्राप्त करने का गंभीर आरोप है। जिस न्यायालयीन आदेश के आधार पर उन्हें दोषमुक्त बताते हुए पदोन्नति दी गई थी, जांच में वही आदेश फर्जी पाया गया है। आरोप है कि फर्जी दोषमुक्ति आदेश प्रस्तुत कर उन्होंने अखिल भारतीय सेवा में पदोन्नति हासिल की। जानकारी के अनुसार, संतोष वर्मा के विरुद्ध वर्ष 2016 से जुड़ा एक आपराधिक मामला अब भी न्यायालय में लंबित है। इसके बावजूद प्रस्तुत किए गए कथित दोषमुक्ति आदेश के आधार पर उन्हें लाभ दिया गया। इस फर्जी आदेश के मामले में एक अलग आपराधिक प्रकरण भी दर्ज किया गया है, जिसमें न्यायिक प्रक्रिया से जुड़े लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में बताई जा रही है। राज्य सरकार ने अपने पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि अधिकारी द्वारा समय-समय पर दिए गए मर्यादाविहीन बयान शासन के लिए असहज स्थिति उत्पन्न करने वाले रहे हैं। उन पर सामाजिक समरसता को प्रभावित करने और अखिल भारतीय सेवा नियमों के उल्लंघन के आरोप भी लगाए गए हैं। सूत्रों के अनुसार, DoPT द्वारा प्रकरण की जांच के बाद संतोष वर्मा का IAS अवॉर्ड वापस लिए जाने की कार्रवाई जल्द की जा सकती है। केंद्र सरकार के निर्णय के बाद सेवा से पृथक करने सहित कठोर कदम उठाए जाने की संभावना जताई जा रही है।