भोपाल(ईन्यूज एमपी)- भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम की समयसीमा छह राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में बढ़ा दी है। इसके तहत मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में अब 23 दिसंबर 2025 तक मतदाता सूची में नाम जोड़ने, सुधार करने और त्रुटियों को ठीक कराने का मौका मिलेगा। आयोग के निर्देशानुसार मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और अंडमान-निकोबार में SIR की नई समयसीमा 23 दिसंबर तय की गई है। वहीं तमिलनाडु और गुजरात में यह तिथि 19 दिसंबर तक और उत्तर प्रदेश में 31 दिसंबर तक बढ़ाई गई है। पश्चिम बंगाल के लिए किसी प्रकार का विस्तार नहीं किया गया है। मतदाता सूची पुनरीक्षण के तहत पात्र नागरिक अपना नाम जुड़वा सकते हैं, गलत जानकारी को सुधार सकते हैं और मृत अथवा दोहराए गए नामों को हटाने के लिए आवेदन कर सकते हैं। आयोग का मानना है कि इस प्रक्रिया के विस्तारित समय से अधिक लोगों को शामिल होने में सुविधा मिलेगी, खासकर ग्रामीण व दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों को। निर्वाचन संबंधी कार्यक्रम के अनुसार संशोधित मतदाता सूची का मसौदा 16 दिसंबर 2025 को प्रकाशित होगा। दावे और आपत्तियां 16 दिसंबर से 15 जनवरी 2026 तक ली जाएंगी। इसके बाद सुनवाई और सत्यापन 7 फरवरी तक पूरा किया जाएगा और अंतिम मतदाता सूची 14 फरवरी 2026 को जारी की जाएगी। निर्वाचन आयोग का यह कदम आगामी चुनावों की तैयारी में मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे बढ़ाई गई समयसीमा का लाभ उठाकर अपनी मतदाता स्थिति सुनिश्चित करें।