सीधी(ईन्यूज एमपी)- एआरटी क्लीनिक लेवल-2 के पंजीयन प्रकरण में गंभीर अनियमितताएँ सामने आने पर जिला प्रशासन सख्त हो गया है। जिला स्वास्थ्य समिति और जिला एआरटी एंड सरोगेसी समिति की संयुक्त बैठक में पंजीयन प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों की समीक्षा के दौरान खामियाँ पाए जाने पर मिश्रा नर्सिंग होम एंड डायग्नोस्टिक फाउंडेशन, सीधी को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बबीता खरे ने बताया कि कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी की अध्यक्षता में 08 दिसंबर को आयोजित बैठक में एआरटी क्लीनिक लेवल-2 पंजीयन से संबंधित प्रकरणों की विस्तृत पड़ताल की गई। पंजीयन हेतु दस्तावेजों के सत्यापन के लिए डॉ. अनूप मिश्रा (प्रथम आईवीएफ क्लीनिक, मिश्रा नर्सिंग होम) को 05 दिसंबर को समिति के समक्ष मूल दस्तावेज सहित उपस्थित होने के निर्देश दिए गए थे। तदानुसार प्रतिनिधि बैठक में पहुंचे, लेकिन समीक्षा के दौरान पाया गया कि आवेदन में उल्लेखित एनेस्थिसिया विशेषज्ञ डॉ. दीपक कुमार का पंजीयन प्रमाण पत्र एवं डिग्री की मूल प्रति प्रस्तुत नहीं की गई। इसके बदले किसी अन्य एनेस्थिसिया विशेषज्ञ के दस्तावेज पेश किए गए, जो आवेदन में दर्ज विवरणों से मेल नहीं खा रहे थे। इस गंभीर त्रुटि पर कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी तथा अध्यक्ष, जिला एआरटी एंड सरोगेसी समिति के निर्देशानुसार 08 दिसंबर को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। डॉ. अनूप मिश्रा को निर्देश दिया गया है कि वे 09 दिसंबर को कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी के समक्ष उपस्थित होकर सभी आवश्यक मूल अभिलेखों के साथ अपना पक्ष स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करें। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि एआरटी क्लीनिकों से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की दस्तावेजी गड़बड़ी या अपूर्ण जानकारी को गंभीरता से लिया जाएगा।