जबलपुर(ईन्यूज एमपी)- मध्य प्रदेश में Central Goods and Services Tax Department (CGST) ने एक साथ चार ठिकानों पर छापेमारी कर कर चोरी व टैक्स चोरों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है। सूत्रों का अनुमान है कि चोरी की गई राशि करोड़ों रुपये में हो सकती है। घटना की शुरुआत तब हुई जब CGST की जांच टीम को ट्रांजेक्शन एवं इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) क्लेम से जुड़े दस्तावेजों में बड़े अनियमितताएं मिलीं। जांच के दौरान पाया गया कि चारों स्थानों पर छोटे-बड़े व्यवसायों द्वारा फर्जी GST इनवॉइस एवं बिल बना कर टैक्स क्रेडिट लिया गया था — जबकि वास्तव में कोई माल या सेवा नहीं दी गई। CGST ने छापेमारी के दौरान बिल, खाते-दस्तावेज, कंप्यूटर रिकॉर्ड एवं अन्य जरूरी कागजात जब्त कर लिए हैं। प्रारंभिक जांच में अनुमान लगाया गया है कि टैक्स की चोरी कई करोड़ रुपये की हो सकती है। विभाग अगले कुछ दिनों में पूरी जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा। अब तक किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया है; लेकिन स्रोतों का कहना है कि विभाग आगे की कार्रवाई के लिए सिंहावलोकन कर रहा है। यदि आरोप साबित होते हैं, तो कंपनियों पर भारी दंड, इनवॉइस रद्दीकरण और GST लाइसेंस रद्द कराने तक की कार्रवाई हो सकती है। विश्लेषक मानते हैं कि इस तरह की छापेमारी से GST के दुरुपयोग और फर्जीवाड़े को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। वहीं व्यापार जगत में डर का माहौल बन गया है। CGST अधिकारी का कहना है कि रैकेट की साजिश कई फर्जी कंपनियों के नेटवर्क से जुड़ी हुई है और राज्य सरकार को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने आम जनता से अपील की है कि यदि उन्हें ऐसी किसी गतिविधि की जानकारी हो तो विभाग को सूचित करें।