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Home मध्य प्रदेश विधानसभा सत्र का दूसरा दिन हंगामेदार: कृषि मंत्री बेहोश, कांग्रेस का किसान मुद्दों पर प्रदर्शन, कई अहम मामलों पर गर्मागर्म बहस

विधानसभा सत्र का दूसरा दिन हंगामेदार: कृषि मंत्री बेहोश, कांग्रेस का किसान मुद्दों पर प्रदर्शन, कई अहम मामलों पर गर्मागर्म बहस

भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन की शुरुआत अप्रत्याशित घटना के साथ हुई। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना अचानक चक्कर खाकर बेहोश हो गए। उसी समय सदन में प्रवेश कर रहे मुख्यमंत्री मोहन यादव तुरंत उनके पास पहुंचे। इसके बाद स्पीकर और अन्य सदस्यों ने भी स्थिति का जायजा लिया। स्थिति को नियंत्रित करते हुए कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी।

किसानों के मुद्दों पर कांग्रेस का प्रदर्शन

सत्र शुरू होने से पहले कांग्रेस विधायकों ने खेतों में खराब फसलों की स्थिति दर्शाती तख्तियां लेकर विधानसभा पहुंचकर विरोध जताया।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि *प्रदेश का किसान कभी खाद, कभी खरीदी मूल्य और कभी मुआवजे के लिए भटक रहा है।*
मुरैना से कांग्रेस विधायक दिनेश गुर्जर ने आरोप लगाया कि *सरकार किसानों के खेतों पर डाका डाल रही है। कर्जा माफ नहीं हुआ, बिजली नहीं मिली, फसलों के दाम नहीं मिले। फसल बीमा का लाभ नगण्य है।*

इस पर जवाब देते हुए राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने कहा कि सरकार ने किसानों को 2068 करोड़ रुपए की राहत राशि दी है और कांग्रेस का काम केवल प्रदर्शन करना है।

सत्र की अवधि कम होने पर कांग्रेस विधायक नाराज

एक से 5 दिसंबर तक चल रहे सत्र में 3 दिसंबर की छुट्टी होने से कुल चार बैठकें ही हो रही हैं। कांग्रेस ने इसे लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ बताते हुए विरोध जताया।

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने रायसेन में पुल टूटने की घटना पर सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि *प्रदेश में सब कुछ टूट रहा है—सड़कें, पुल, और व्यवस्था।*

सदन में गर्म बहस

*दल-बदल कानून: कांग्रेस विधायक नारायण सिंह पट्टा ने नगर पालिका और नगर निगम में भी दल-बदल कानून लागू करने की मांग की।
* राइट टू रिकॉल: कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने प्रत्यक्ष प्रणाली के साथ राइट टू रिकॉल पर सरकार से स्पष्ट रुख मांगते हुए हॉर्स ट्रेडिंग रोकने के उपायों पर भी प्रश्न उठाया।
* नगर पालिका एक्ट संशोधन: मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि प्रत्यक्ष चुनाव से पूरे नगर का विकास होगा, न कि केवल एक वार्ड का।
* आदिवासी मुद्दे: सेना महेश पटेल ने नर्मदा किनारे से आदिवासियों को हटाने का मुद्दा उठाया।
वन मंत्री अहिरवार ने कहा कि किसी भी आदिवासी को जबरन नहीं हटाया जाएगा।
* गलत प्लॉट आवंटन: बालाघाट से विधायक अनुभा मुंजारे ने 72 प्लॉटों के गलत आवंटन का आरोप लगाया, जिसे मंत्री चैतन काश्यप ने खारिज किया।
* गैलरी में बैठने पर स्पीकर की आपत्ति: सदन की अनुशासनहीनता पर स्पीकर नरेंद्र सिंह तोमर ने नाराजगी जताई।
* आदिवासियों की फसलें नष्ट करने का मामला: मंत्री ने बताया कि दोनों पक्षों की एफआईआर दर्ज कर ली गई है।
* सीधी में वर्किंग वुमेन हॉस्टल: विधायक रीति पाठक की मांग पर मंत्री ने कहा कि सीधी के लिए फिलहाल कोई प्रस्ताव नहीं है।
* खंडवा में SAF बटालियन की मांग: कंचन तनवे ने खंडवा को संवेदनशील बताते हुए SAF बटालियन की मांग रखी, जिस पर मंत्री ने कहा कि खरगोन की बटालियन जरूरत पड़ने पर उपलब्ध है।

शीतकालीन सत्र का दूसरा दिन किसान मुद्दों, आदिवासी अधिकारों और नगरीय चुनाव सुधारों पर केंद्रित रहा। आने वाले दिनों में और भी तीखी बहस होने की पूरी संभावना है।

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