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सरकार ने किया स्पष्ट—DA को बेसिक पे में मर्ज करने का कोई प्रस्ताव नहीं

नई दिल्ली(ईन्यूज एमपी)- लंबे समय से चल रही चर्चाओं और कर्मचारी-पेंशनरों की मांगों के बीच केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) को फिलहाल मूल वेतन (Basic Pay) या पेंशन में मिलाने की कोई योजना नहीं है। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में लिखित जवाब के माध्यम से यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि डीए/डीआर को मौजूदा नियमों के अनुसार हर छह महीने में संशोधित किया जाता है, और यह संशोधन महंगाई दर को ध्यान में रखते हुए होता है। केंद्र सरकार के इस बयान के बाद DA को वेतन में मर्ज करने की उम्मीदें फिलहाल समाप्त हो गई हैं।

कर्मचारी और पेंशनर्स की क्या थी मांग

कर्मचारी संगठन लंबे समय से यह मांग कर रहे थे कि जब DA 50 प्रतिशत से अधिक हो जाए, तो उसे मूल वेतन में जोड़ दिया जाए। उनका तर्क है कि इससे वेतन में स्थिर बढ़ोतरी मिलती है और अन्य भत्तों पर भी असर पड़ता है। बढ़ती महंगाई के बीच यह मांग और तेज हो गई थी।

8वें वेतन आयोग को लेकर क्या स्थिति

8वें वेतन आयोग (8th CPC) के गठन की अधिसूचना जारी होने के बाद से ही कर्मचारियों में विभिन्न अपेक्षाएँ बढ़ी हैं। हालांकि सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वेतन आयोग की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन DA को बेसिक पे से जोड़ने का कोई प्रस्ताव अभी विचाराधीन नहीं है। आगे की तस्वीर आयोग की सिफारिशों के बाद ही साफ होगी।

फिलहाल क्या रहेगा व्यवस्था

सरकार के बयान के अनुसार महंगाई भत्ता अलग से मिलता रहेगा, और कर्मचारियों-पेंशनरों की सैलरी संरचना में कोई तत्काल बदलाव नहीं किया जाएगा। DA/DR की भविष्य की वाढें पहले की तरह ही उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI-IW) के आधार पर तय होंगी।

सरकार के इस स्पष्ट रुख के बाद यह तय हो गया है कि फिलहाल वेतन में किसी प्रकार का बड़ा बदलाव नहीं होने जा रहा है। कर्मचारी संगठनों ने हालांकि अपनी मांगों को जारी रखने की बात कही है।

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