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Home सीधी दर्पण केशलार में जल संरक्षण की अनोखी पहल तिवरिया नाला पर बोरी बंधान निर्माण, गर्मी में पशु–पक्षियों को मिलेगी राहत

केशलार में जल संरक्षण की अनोखी पहल तिवरिया नाला पर बोरी बंधान निर्माण, गर्मी में पशु–पक्षियों को मिलेगी राहत

भुईमाड़(ईन्यूज एमपी)- सीधी जिले के कुशमी विकासखंड अंतर्गत केशलार गांव में जल संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शनिवार को एक प्रेरक सामाजिक पहल की गई। भाजपा युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष एवं मंडल महामंत्री सुरेंद्र बैस के नेतृत्व में तिवरिया नाला पर बोरी बंधान का निर्माण किया गया। ग्रामीणों की सहभागिता से सम्पन्न यह कार्य स्थानीय स्तर पर जल संचयन को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

बोरी बंधान जल संरक्षण की एक सरल और कम लागत वाली तकनीक है। इसमें रेत भरी बोरियों को नाले के दोनों किनारों पर व्यवस्थित रूप से जमाया जाता है और बीच के हिस्सों को भी रेत से भरकर पानी के प्रवाह को नियंत्रित किया जाता है। इस प्रक्रिया से वर्षा का पानी लंबे समय तक रुका रहता है, जिससे भूजल स्तर में सुधार होता है और गर्मी के मौसम में पशु-पक्षियों के लिए स्थायी जल स्रोत उपलब्ध रहता है।

सुरेंद्र बैस ने बताया कि जल संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं का विषय नहीं, बल्कि जनजिम्मेदारी भी है। बिना किसी सरकारी सहायता के गांववासियों के सहयोग से किए गए इस कार्य ने यह साबित कर दिया कि सामूहिक प्रयास से संसाधनों की कमी भी बाधा नहीं बनती। उन्होंने कहा कि गर्मी में जब छोटे जलस्रोत सूख जाते हैं, तब बेजुबान पशु-पक्षियों को सबसे अधिक परेशानी होती है, ऐसे में यह बोरी बंधान उनके लिए जीवनदायी सिद्ध होगा।

स्थानीय ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे पर्यावरण संरक्षण की दिशा में प्रेरक कदम बताया। सामूहिक प्रयास से बने इस बोरी बंधान ने जल संकट से जूझ रहे क्षेत्रों के लिए सकारात्मक संदेश दिया है कि छोटे-छोटे प्रयास भी बड़े बदलाव ला सकते हैं।

इस कार्य में राजकुमार बैस, रामजी रजक, राममनोहर बैस, चैनपति बैस, भीमसेन अगरिया, श्यामकरण बैस, महावीर अगरिया, गिरदावल सिंह, विश्वकांति बैस, जमाहिर अगरिया तथा अन्य ग्रामीणों ने सहयोग प्रदान किया।

*बिहारी लाल गुप्ता की रिपोर्ट*

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