भोपाल(ईन्यूज एमपी)-मुख्य सचिव अनुराग जैन ने मंगलवार को जल-जीवन मिशन के क्रियान्वयन की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक ली। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 72 प्रतिशत से अधिक घरों में अब नल से जल कनेक्शन उपलब्ध हैं। मिशन की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्य सचिव ने बताया कि जल-जीवन मिशन में अनियमितता पाए जाने पर अब तक 280 एजेंसियों को ब्लैक लिस्ट किया गया है। साथ ही 22 ठेकेदारों पर भी कड़ी कार्रवाई करते हुए ब्लैक लिस्ट किया गया है और उनके अनुबंध निरस्त कर दिए गए हैं। समीक्षा में बताया गया कि गलत डीपीआर तैयार करने वाले 141 अधिकारियों और 187 एजेंसियों को नोटिस जारी किए गए हैं। वहीं टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी करने वाले 10 अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जा रही है। फर्जी बैंक गारंटी प्रस्तुत करने के गंभीर मामले में संबंधित ठेकेदार को टर्मिनेट कर दिया गया है तथा प्रकरण सीबीआई को सौंप दिया गया है। अब तक विभिन्न अनियमितताओं को लेकर कुल 30 करोड़ रुपये की पेनाल्टी लगाई जा चुकी है। बैठक में बताया गया कि जल-जीवन मिशन के तहत पुनरीक्षण योजना परीक्षण समिति गठित की गई है, जो 8358 एकल ग्राम नल-जल योजनाओं का परीक्षण कर रही है। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर योजना का क्रियान्वयन समय सीमा में और गुणवत्ता के साथ सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जल-जीवन मिशन प्रदेश के सबसे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में से एक है और इसमें किसी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।