भोपाल(ईन्यूज एमपी)- प्रदेश में नगर पालिका और नगर परिषद के अध्यक्ष अब सीधे जनता द्वारा चुने जाएंगे। राज्य सरकार द्वारा नौ सितंबर को जारी अध्यादेश के बाद यह महत्वपूर्ण बदलाव लागू हो गया है। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य निर्वाचन आयोग ने नियमों में संशोधन कर वर्ष 2022 के प्रावधान फिर से प्रभावी कर दिए हैं। इस बदलाव के बाद अध्यक्ष पद के चुनाव में प्रत्यक्ष मतदान की प्रक्रिया लागू होगी। पहले शिवराज सरकार में अध्यक्ष का चुनाव जनता नहीं, बल्कि पार्षदों द्वारा किया जाता था। वर्ष 2022 के नगर निकाय चुनाव भी इसी व्यवस्था में संपन्न हुए थे। अब अध्यादेश के बाद फिर से प्रत्यक्ष चुनाव की पुरानी व्यवस्था बहाल कर दी गई है। उम्मीदवारों को देना होगा पूरा ब्योरा नई व्यवस्था के तहत चुनाव लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी को अपने निर्वाचन व्यय का पूरा लेखा-जोखा सार्वजनिक करना होगा। इसके अलावा शैक्षणिक योग्यता और यदि कोई आपराधिक प्रकरण लंबित हैं, तो उनका विवरण भी अनिवार्य रूप से सार्वजनिक करना होगा। निर्वाचन आयोग के अनुसार व्यय की अधिकतम सीमा में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यह सीमा पहले की तरह ही लागू रहेगी। मझौली नगर परिषद में होगा पहला चुनाव संशोधित नियमों के आधार पर पहला प्रत्यक्ष चुनाव सिवनी जिले की मझौली नगर परिषद में होगा। यहां अध्यक्ष पद के लिए जनता सीधे अपने प्रतिनिधि का चुनाव करेगी। नई चुनाव प्रणाली लागू होने के बाद राज्य के नगरीय निकाय चुनावों में पारदर्शिता और जिम्मेदारी बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।