भोपाल। राज्य पुलिस सेवा के पाँच अधिकारियों को भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में पदोन्नति देने के लिए शुक्रवार को दिल्ली में दोबारा विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की बैठक आयोजित की गई। यह बैठक 1997-98 बैच के कुल 15 अधिकारियों की फाइलों के परीक्षण के लिए बुलाई गई थी। सूत्रों के अनुसार, वरिष्ठता सूची में शीर्ष पर रहे सीताराम ससत्या और अमृत मीणा के नाम पर विभागीय जाँचों के कारण स्थिति उलझी हुई थी। इनमें से सीताराम ससत्या को सूची से बाहर रखा गया है, जबकि अमृत मीणा को *प्रोविजनल आईपीएस* के रूप में शामिल किया गया है। इसका अर्थ है कि उन्हें आगामी दो महीने में होने वाली अगली डीपीसी से पहले अपने लंबित मामलों से मुक्त होना होगा, अन्यथा उनकी पदोन्नति स्वतः निरस्त मानी जाएगी। पहले भी हो चुकी थी डीपीसी उल्लेखनीय है कि 12 सितंबर को भी डीपीसी आयोजित की गई थी, लेकिन नोटिफिकेशन लंबे इंतजार के बाद निरस्त कर दिया गया था। इसके बाद 21 नवंबर को दूसरी बार डीपीसी कर अधिकारियों के नामों पर पुनर्विचार किया गया। इन अधिकारियों के नाम सूची में शामिल सूत्रों के अनुसार, डीपीसी में 1997-98 बैच के जिन अधिकारियों के नाम आईपीएस अवॉर्ड की सूची में शामिल किए गए हैं, वे हैं— * अमृत मीणा (प्रोविजनल) * विक्रांत मुराब * सुरेंद्र कुमार जैन * आशीष खरे * राजेश रघुवंशी हालाँकि इन नामों की आधिकारिक घोषणा अभी शेष है उच्चस्तरीय समिति रही मौजूद डीपीसी बैठक में मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन, गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव शिव शेखर शुक्ला और डीजीपी कैलाश मकवाना उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों की सेवा अवधि, वार्षिक मूल्यांकन रिपोर्ट और लंबित मामलों की गहन समीक्षा के बाद सूची को अंतिम रूप दिया गया।