जबलपुर(ईन्यूज एमपी)-मध्य प्रदेश की करीब 10 हजार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को चुनाव ड्यूटी से छूट दिलाने की मांग लेकर हाई कोर्ट पहुंचना भारी पड़ गया। जबलपुर हाई कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज करते हुए स्पष्ट कहा कि चुनाव ड्यूटी करना उनकी जिम्मेदारी है और इससे वे पीछे नहीं हट सकतीं। “सभी कर्मचारी मना करेंगे तो चुनाव कैसे होगा?” — हाई कोर्ट कोर्ट ने सुनवाई के दौरान सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि हर विभाग के कर्मचारी चुनाव ड्यूटी से इनकार करने लगें, तो चुनाव कराना असंभव हो जाएगा। इसलिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी निर्वाचन प्रक्रिया का हिस्सा बनकर जिम्मेदारी निभानी होगी। यूनियन और कार्यकर्ताओं की याचिका खारिज चुनाव ड्यूटी के सरकारी आदेश के विरोध में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और शासकीय एकता यूनियन ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। सुनवाई के बाद अदालत ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी सरकारी प्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, इसलिए उन्हें ड्यूटी से छूट नहीं मिल सकती। 10 हजार से अधिक कार्यकर्ताओं पर पड़ेगा असर हाई कोर्ट के इस फैसले का सीधा असर प्रदेश की 10 हजार से अधिक आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं पर पड़ेगा, जिन्हें अब चुनावी प्रक्रिया में ड्यूटी करनी ही होगी। निर्णय के बाद कार्यकर्ताओं में निराशा है, जबकि प्रशासन इसे चुनाव व्यवस्था सुचारू रखने के लिए आवश्यक बता रहा है।