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Home मध्य प्रदेश मौत के बाद भी ‘हाजिरी’ मांग रहा विभाग, मृत शिक्षकों को जारी नोटिस से हड़कंप

मौत के बाद भी ‘हाजिरी’ मांग रहा विभाग, मृत शिक्षकों को जारी नोटिस से हड़कंप

मऊगंज(ईन्यूज एमपी)-मध्यप्रदेश के शिक्षा विभाग में ई-अटेंडेंस प्रणाली लागू होने के बाद पारदर्शिता बढ़ाने का दावा तो किया गया था, लेकिन अब इस व्यवस्था की बड़ी खामी सामने आई है। विभाग ने ऐसे शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिए हैं, जिनकी मौत कई माह—कुछ मामलों में वर्षों—पहले हो चुकी है। नोटिस में मृत शिक्षकों से तीन दिन के भीतर जवाब देने और उपस्थित न रहने का कारण बताने के लिए कहा गया है। घटना सामने आने के बाद विभाग के अधिकारी इसे “तकनीकी त्रुटि” बताकर सूची में सुधार की बात कह रहे हैं।

ई-अटेंडेंस में शून्य उपस्थिति का हवाला देकर भेजे गए नोटिस

अक्टूबर महीने की ई-अटेंडेंस रिपोर्ट पोर्टल से निकालकर उन शिक्षकों को नोटिस भेजे गए, जिनकी उपस्थिति शून्य या बहुत कम रही थी। इन नोटिसों पर कलेक्टर के अनुमोदन का भी उल्लेख है, जिससे प्रशासनिक प्रक्रिया पर और भी सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि विभागीय अधिकारियों ने बिना सत्यापन किए फाइलें कलेक्टर कार्यालय भेज दीं।

पहले भी सामने आते रहे हैं ऐसे मामले

यह कोई पहला मामला नहीं है। पूर्व में भी मृत और सेवानिवृत्त शिक्षकों को नोटिस भेजने की घटनाएं सामने आती रही हैं। एक माह पहले डीईओ कार्यालय से जारी एक नोटिस में प्राचार्य का नाम हटाए बिना फाइल तैयार कर दी गई, जिससे स्वयं डीईओ के नाम पर ही कारण बताओ नोटिस निकल गया। संयुक्त संचालक कार्यालय से भी ऐसे नोटिस जारी होने के मामले सामने आते रहे हैं, लेकिन विभागीय स्तर पर सुधार नहीं हो पाया।

पोर्टल अपडेट न होने से मृत शिक्षकों के नाम अब भी सूची में

मृतकों के नाम वर्षों से पोर्टल पर अपडेट नहीं किए गए, जिसके कारण वे ई-अटेंडेंस पंजी में बने रहे। यह जिम्मेदारी संकुल प्राचार्यों की है कि वे समय-समय पर मृत और सेवानिवृत्त शिक्षकों के नाम पोर्टल से डिलीट कराएं। कई मामलों में शिक्षकों की मृत्यु दो से तीन वर्ष पूर्व ही हो चुकी है, फिर भी नाम नहीं हटाए गए।

तीन शिक्षक जिनको मृत्यु के बाद भी जारी हुआ नोटिस

1. देवतादीन कोल, खर्रा हायर सेकंडरी स्कूल, नईगढ़ी
मृत्यु: 19 मई 2023
— ई-अटेंडेंस शून्य होने पर नोटिस जारी।

2. छोटेलाल साकेत, दुबगवां प्राथमिक शाला
मृत्यु: 29 मई 2025
— विभाग ने अनुपस्थिति का कारण पूछते हुए नोटिस भेजा।

3. रामगरीब दीपांकर, प्राथमिक स्कूल बैरिहा
मृत्यु: 17 फरवरी 2025
— तीन दिनों में जवाब देने का निर्देश।

डीईओ ने स्वीकार की गलती, सूची सुधारने की बात कही

जिला शिक्षा अधिकारी रामराज मिश्रा ने स्वीकार किया कि यह गलती पोर्टल अपडेट न होने से हुई है।
उन्होंने कहा—
“ई-अटेंडेंस रिपोर्ट पोर्टल से जनरेट होती है। कुछ शिक्षकों के नाम समय पर डिलीट नहीं होने से उनके नाम पर भी नोटिस जारी हो गए। मृतकों के नोटिस निरस्त किए जाएंगे और सूची में सुधार कराया जाएगा।”

प्रश्नों के घेरे में पारदर्शिता और प्रशासनिक प्रक्रिया

मामले ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
– क्या विभागीय स्तर पर नोटिस जारी करने से पहले मूलभूत सत्यापन नहीं किया जाता?
– मृतकों के नाम वर्षों तक पोर्टल पर क्यों बने रहे?
– कलेक्टर अनुमोदन वाले नोटिस बिना जांच के कैसे भेजे गए?

अब इस खुलासे के बाद शिक्षकों में भी नाराजगी देखी जा रही है और मांग उठ रही है कि विभाग जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई सुनिश्चित करे।

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