भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सोमवार को सुबह का न्यूनतम तापमान 5.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह नवंबर माह में पिछले 87 वर्षों का सबसे कम तापमान है। हालिया माप के अनुसार इस तरह का न्यूनतम तापमान नवंबर 1938 में देखा गया था, जब पारा 5.6 डिग्री तक गया था। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार इस बार उत्तरी-पश्चिमी दिशा से आ रही ठंडी और शुष्क हवाओं के कारण तापमान तेजी से गिरा है। दिन के समय सूर्य की किरणें तिरछी पड़ने लगी हैं जिनके कारण धरती की सतह जल्दी ठंडी हो जाती है, और रातें लंबी तथा ठंडी महसूस हो रही हैं। राजगढ़ जिले में न्यूनतम तापमान 5.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ है, जो प्रदेश में सर्वाधिक कम है। इसके साथ-साथ ग्वालियर और जबलपुर में भी इस सीजन में पहली बार तापमान 10 डिग्री से नीचे देखने को मिला। मौसम विभाग ने अगले 24 से 48 घंटों में तापमान में विशेष सुधार की संभावना नहीं जताई है। इसके कारण सर्दी के तेवर और तेज होंगे। लोगों को सुबह-शाम और रात में घर-बाहर निकलते समय अतिरिक्त सावधानी रखने, गरम कपड़े पहनने तथा विशेष रूप से बुजुर्ग और बच्चों की देखभाल करने की चेतावनी दी गई है। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने स्कूल-कॉलेजों में समय परिवर्तन, स्वास्थ्य केंद्रों में तैयारी और सड़कों पर ठंडी हवाओं से बचाव के उपाय शुरू कर दिए हैं। जिले-नगर में नागरिकों से आग्रह किया गया है कि वे कम तापमान में अनावश्यक बाहर निकलने से परहेज करें और आवश्यक होने पर ही बाहर जाएँ। यह रिकॉर्ड टूटना संकेत है कि इस वर्ष ठंड सामान्य से पहले ही और तीव्र रूप से सामने आई है। आने वाले दो-तीन दिनों में इसके और असर दिखने की संभावना है।