सीधी(ईन्यूज एमपी)-संजय टाइगर रिजर्व में बाघ की संदिग्ध मौत के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। रेंज ब्यौहारी बफर, रेंज पूर्व ब्यौहारी और एसटीएफ जबलपुर की संयुक्त टीम ने गहन जांच के बाद दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें 20 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। घटना ग्राम बुचरो की है, जहां 8 नवंबर को बाघ के अवयव मिलने की सूचना पर टीम ने वन अपराध प्रकरण क्रमांक 468/01 दर्ज कर जांच शुरू की थी। जांच के दौरान टीम ने संदिग्ध लल्लू कोल और अमरीश लोनी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। तलाशी में उनके पास से करंट लगाने में इस्तेमाल किए गए तार, बल्लियाँ, बाघ का मांस और पैर बरामद किए गए। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे जंगली सुअर के शिकार के लिए खेत में करंट बिछाते थे। 1 नवंबर की रात करीब 1:30 बजे उसी करंट की चपेट में एक बाघ आ गया और उसकी मौत हो गई। घबराए आरोपियों ने बाघ के शव के टुकड़े कर कुछ हिस्सा खेत में ही दबा दिया गया जबकि शेष हिस्सों को बोली में भरकर तालाब में डाल दिया गया था।जिसे बाद में बरामद कर लिया गया है। गंभीर वन्यजीव अपराध के इस मामले में वन विभाग और एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई से पूरा घटनाक्रम सामने आया। जांच पूरी होने के बाद दोनों आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें 20 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। वन विभाग ने इसे संजय टाइगर रिजर्व के लिए बड़ी सफलता बताया है और कहा है कि ऐसे अपराधों पर आगे भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।