इंदौर(ईन्यूज)- मध्य प्रदेश में औद्योगिक और तकनीकी निवेश को नई रफ्तार देते हुए मप्र टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0 में **15,896 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव सामने आए हैं। इन परियोजनाओं के लागू होने पर **64 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार** मिलने की उम्मीद है। कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निवेशकों से वन-टू-वन मुलाकात कर उन्हें प्रदेश में उद्योग स्थापना के लिए आमंत्रित किया। कार्यक्रम में सीएम ने कहा कि “यह कॉन्क्लेव मध्य प्रदेश की विकास यात्रा का नया अध्याय है। हमारी प्राथमिकता है—निवेश, रोजगार और तकनीक के माध्यम से आत्मनिर्भर प्रदेश का निर्माण।” 22 इकाइयों का शुभारंभ, 2,125 नौकरियों का सृजन कॉन्क्लेव के दौरान 22 औद्योगिक और तकनीकी इकाइयों का उद्घाटन किया गया। इनमें **257 करोड़ रुपये के निवेश** के साथ **2,125 युवाओं के लिए रोजगार** के अवसर बने। इसके साथ ही नौ कंपनियों को भू-आवंटन पत्र भी सौंपे गए। 800 करोड़ के 4 एमओयू पर हस्ताक्षर उद्योग विभाग और निजी कंपनियों के बीच **800 करोड़ रुपये के चार एमओयू** साइन किए गए। इससे आईटी और टेक्नोलॉजी सेक्टर में बड़े पैमाने पर निवेश आने की उम्मीद है। कॉन्क्लेव में क्रेता-विक्रेता संवाद के माध्यम से स्टार्ट-अप और टेक कंपनियों को भी प्लेटफ़ॉर्म मिला। भोपाल में बनेगी 200 एकड़ की ‘नॉलेज सिटी’ मुख्यमंत्री ने “नॉलेज सिटी” का कॉन्सेप्ट भी प्रस्तुत किया। यह 200 एकड़ में विकसित की जाएगी, जहां विश्वस्तरीय शोध संस्थान, स्टार्ट-अप हब, टेक्नोलॉजी सेंटर और नई शिक्षा सुविधाएँ विकसित की जाएँगी। सरकार का कहना है कि आने वाले समय में ऐसे आयोजन प्रदेश को निवेश के नक्शे पर अग्रणी स्थान दिलाएंगे और युवाओं को बड़े स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे।