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धरती आबा की धरती से गूंजा कुसमी —

कुसमी (ईन्यूज एमपी)-जनपद पंचायत कुसमी का प्रांगण बुधवार को कौमी एकता, आदिवासी गौरव और जनजातीय विरासत की रंगीन छटा से सराबोर रहा। धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती गौरव दिवस के समापन समारोह में परंपरा और गर्व का अद्भुत संगम देखने को मिला।

कार्यक्रम की शुरुआत बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण और श्रद्धांजलि से हुई। नेताओं और अधिकारियों ने श्रद्धा के साथ धरती आबा को नमन करते हुए उनके संघर्ष और बलिदान को याद किया। इसके बाद “धरती आबा जागरूकता रथ” को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया, जो गांव-गांव जाकर शिक्षा, स्वास्थ्य और जनहित से जुड़ी जानकारी फैलाएगा।

मुख्य अतिथि धौहनी विधायक कुंवर सिंह टेकाम ने कहा — “बिरसा मुंडा ने उस दौर में हुकूमत के जुल्म के खिलाफ आवाज़ उठाई, जब सच बोलना भी गुनाह था। उनका संदेश सिर्फ आदिवासियों के लिए नहीं, बल्कि हर उस इंसान के लिए है जो इंसाफ और बराबरी में यक़ीन रखता है।”

जनपद अध्यक्ष श्यामवती सिंह ने कहा कि धरती आबा की सोच ने समाज को दिशा दी। “आज आदिवासी समाज की तरक्की उनके बलिदान की देन है, जिन्होंने हमें जागरूकता और स्वाभिमान की राह दिखाई।”

कार्यक्रम में सहायक संचालक दीपक निगम मंडल, संयोजक संजीव सिंह, जिला पंचायत सदस्य हीराबाई सिंह, जनपद सदस्य वीणा सिंह, सरपंच चेतना सिंह, सीता सिंह, मंडल अध्यक्ष अखंड प्रताप सिंह, परियोजना प्रशासक एस.एन. द्विवेदी, सीईओ ज्ञानेन्द्र मिश्रा, सीएम राइज प्राचार्य पी.के. पांडेय, बीआरसीसी अंगिरा द्विवेदी सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।

ढोल-नगाड़ों की थाप और पारंपरिक परिधानों में कलाकारों के नृत्य ने माहौल में उत्सव की गूंज भर दी। “जय बिरसा” और “धरती आबा अमर रहे” के नारों से पूरा परिसर गुंजायमान हो उठा — मानो कुसमी की मिट्टी खुद बिरसा के सपनों को जी उठी हो।

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