भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्य प्रदेश में लंबे समय से लंबित निगम-मंडलों एवं प्राधिकरणों में नियुक्तियों को लेकर जल्द ही बड़ा फैसला होने जा रहा है। सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री (संगठन) बी.एल. संतोष के बीच हुई बैठक में इस पर सहमति बन गई है। दोनों नेताओं के बीच निगम-मंडलों में नियुक्तियों के लिए संगठन और सत्ता के तालमेल वाले फार्मूले को अंतिम रूप दिया गया है। इस फार्मूले के तहत संगठन से जुड़े वरिष्ठ कार्यकर्ताओं और सत्ता से जुड़े जनप्रतिनिधियों दोनों को अवसर दिए जाएंगे। माना जा रहा है कि सूची अब कभी भी जारी हो सकती है। सूत्रों के मुताबिक, नियुक्तियों में क्षेत्रीय संतुलन और विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी संगठन की मजबूती को प्राथमिकता दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में यह प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। विंध्य के जनप्रतिनिधियों को मिल सकती है अहम जिम्मेदारी जानकारी के अनुसार आगामी सूची में विंध्य विकास प्राधिकरण भी शामिल है। इसमें सतना, रीवा और सीधी जिले के जनप्रतिनिधियों को प्राथमिकता दी जा सकती है। बताया जा रहा है कि सीधी से आधा दर्जन नाम दौड़ में हैं। विंध्य क्षेत्र में सत्ता पक्ष से उपमुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल और संगठन की ओर से उपाध्यक्ष कांतदेव सिंह की भूमिका महत्वपूर्ण बताई जा रही है। दोनों नेताओं की सहमति से ही इस क्षेत्र के प्रतिनिधियों के नाम तय किए जाएंगे। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि निगम-मंडलों में होने वाली ये नियुक्तियां 2026 की राजनीतिक तैयारियों के लिहाज से भी अहम मानी जा रही हैं। संगठन और सत्ता के बीच संतुलन साधते हुए भाजपा सरकार जल्द ही इस दिशा में औपचारिक घोषणा कर सकती है।