सीधी(ईन्यूज एमपी)- जिले में कोदो फसल के पंजीयन कार्य में लापरवाही पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी ने ई-उपार्जन पोर्टल में पंजीयन कार्य में सुस्ती बरतने पर आठ सेवा सहकारी समितियों के प्रबंधकों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया है, वहीं उप संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग ने पांच वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारियों को नोटिस थमाया है। कलेक्टर द्वारा नोटिस प्राप्त करने वालों में विष्णुदेव मिश्रा (सेवा सहकारी संस्था रामपुर नैकिन), गणेश प्रसाद पाठक (कुडिया), रमाकांत तिवारी (सीधी खुर्द), प्रभात सिंह (गिजवार), संदीप सिंह (बघोर), द्वारिका प्रसाद पटेल (अमिलिया), भूपेन्द्र सिंह (मझौली) और महेन्द्रमणि तिवारी (ताला) शामिल हैं। कलेक्टर ने कहा कि समितियों को मिलेट अन्तर्गत कोदो के शत-प्रतिशत पंजीयन के लिए स्पष्ट निर्देश दिए गए थे, लेकिन 31 अक्टूबर 2025 तक प्रगति अत्यंत कम पाई गई। कलेक्टर ने चेतावनी दी है कि यह लापरवाही और कार्य में अरुचि म.प्र. सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 3 के अंतर्गत कदाचार की श्रेणी में आती है। सभी संबंधितों को नोटिस प्राप्ति के एक सप्ताह के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। समय पर जवाब न देने की स्थिति में एक वार्षिक वेतन वृद्धि असंचयी प्रभाव से रोकी जाएगी। इसी प्रकार उप संचालक किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग द्वारा सिहावल, रामपुर नैकिन, कुसमी, सीधी और मझौली विकासखण्डों के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारियों — सुरदलाल रेदास, रामकुमार कोल, एस.पी. साकेत, विवेक कुमार दुबे और पी.के. वर्मा को भी कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है। उप संचालक ने कहा कि बार-बार मौखिक निर्देशों के बावजूद पंजीयन कार्य में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई, जिससे किसानों का कोदो पंजीयन प्रभावित हुआ है। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे निर्धारित अवधि में स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें और पंजीयन की अंतिम तिथि से पूर्व लक्ष्य के अनुसार प्रगति सुनिश्चित करें। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कोदो जैसे मोटे अनाजों के पंजीयन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारियों पर अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी।