भोपाल(ईन्यूज एमपी)- साहित्य और संस्कृति के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले साहित्यकारों को सम्मानित करने के लिए साहित्यांचल भीलवाड़ा का त्रयोदश राष्ट्रीय शिखर सम्मान समारोह रविवार, 2 नवम्बर को संगम विश्वविद्यालय, भीलवाड़ा (राजस्थान) के केंद्रीय पुस्तकालय सभागार में भव्य रूप से आयोजित किया गया। यह आयोजन संगम विश्वविद्यालय और साहित्यांचल के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता संगम ग्रुप के चेयरमैन एवं साहित्यांचल के मुख्य संरक्षक श्री रामपाल सोनी ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में सेवानिवृत्त पुलिस महानिदेशक श्री प्रसन्न कुमार खमेसरा, संगम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. करूणेश सक्सेना, पर्यावरणप्रेमी व समाजसेवी श्री अमरचंद विश्नोई, तथा राजस्थान साहित्य अकादमी के श्री बसंत सिंह सोलंकी सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। इस अवसर पर देशभर से आए 31 वरिष्ठ साहित्यकारों को विभिन्न राष्ट्रीय सम्मानों से अलंकृत किया गया। भोपाल के वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. कमल किशोर दुबे को सत्यनारायण मोदानी स्मृति शिखर सम्मान से सम्मानित किया गया। वहीं, भोपाल के अपर जनसंपर्क महानिदेशक श्री संजय जैन को व्यंग्य-कहानी सृजन सम्मान, श्री अशोक व्यास को जमनालाल व्यास स्मृति सम्मान, गुना के डॉ. सतीशचंद्र चतुर्वेदी “शाकुन्तल” को मांगीलाल विश्नोई स्मृति सम्मान, और श्री आसूदो लछवानी को मोतीशंकर चाण्डक स्मृति सम्मान प्रदान किया गया। कार्यक्रम में हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार और अन्य राज्यों से आए साहित्यकारों को भी विविध स्मृति सम्मानों से नवाजा गया। इसी क्रम में भोपाल के डॉ. दुबे की कृति “मन उपवन सुरभित हो जाए” मुक्तक संग्रह का लोकार्पण भी किया गया। समारोह का शुभारंभ माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना से हुआ। कार्यक्रम का संचालन रेखा लोढ़ा ने किया, जबकि समापन सत्र में पधारे साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं से काव्यपाठ कर कार्यक्रम को ऊँचाई दी। कार्यक्रम के अंत में साहित्यांचल के सचिव रविकांत व्यास ने सभी अतिथियों, सम्मानित साहित्यकारों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि साहित्यांचल सदैव साहित्य, संस्कृति और सृजनशीलता के संवर्धन के लिए समर्पित रहेगा।