जहरीले सिरप का कहर थमा नहीं — छिंदवाड़ा और मऊगंज में दो मासूमों की मौत, प्रशासन में हड़कंप भोपाल(ईन्यूज एमपी)-मध्यप्रदेश में जहरीले कफ सिरप से मासूमों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला छिंदवाड़ा और मऊगंज जिले से सामने आया है, जहां बुधवार और गुरुवार को दो शिशुओं की संदिग्ध मौत हो गई। दोनों ही मामलों में परिजनों ने मेडिकल स्टोर से खरीदी गई दवा को मौत की वजह बताया है। छिंदवाड़ा जिले के बिछुआ क्षेत्र में गुरुवार सुबह पांच माह की बच्ची रूही मिनोते की मौत हो गई। परिजन का कहना है कि उन्होंने सर्दी-खांसी के लिए एक मेडिकल स्टोर से सिरप खरीदा था। दवा पीने के कुछ ही मिनटों बाद बच्ची की हालत बिगड़ गई और उसे अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर दवाओं के सैंपल जब्त किए और मेडिकल स्टोर को सील कर दिया। इसी तरह मऊगंज जिले के हनुमना थाना क्षेत्र के ग्राम खटखरी में पांच माह के मासूम की मौत के बाद प्रशासन ने गुरुवार को शव कब्र से निकलवाकर फॉरेंसिक जांच के लिए रीवा के श्यामशाह मेडिकल कॉलेज भेजा है। परिजन ने बताया कि उन्होंने बिना डॉक्टर की पर्ची के एक मेडिकल स्टोर से सिरप खरीदा था। सिरप पिलाने के बाद ही बच्चे की तबीयत अचानक बिगड़ी और उसने मां की गोद में ही दम तोड़ दिया। घटना के बाद प्रशासन हरकत में आया और मेडिकल स्टोर को सील कर संचालक के खिलाफ बिना पर्ची दवा बेचने का प्रकरण दर्ज किया गया। फिलहाल दोनों जिलों में संदिग्ध दवाओं के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। गौरतलब है कि कुछ सप्ताह पहले ही प्रदेश के विभिन्न जिलों में जहरीले कफ सिरप से 24 बच्चों की मौत की पुष्टि हुई थी। उसके बाद सरकार ने राज्यभर में चेतावनी जारी की थी कि पांच साल से कम उम्र के बच्चों को डॉक्टर की सलाह के बिना कफ सिरप न दिया जाए। बावजूद इसके, दोबारा ऐसी घटनाओं ने स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है और संबंधित मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस निलंबित करने की प्रक्रिया जारी है। अधिकारियों का कहना है कि दोषी पाए जाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों।