मध्यप्रदेश के पाँच जिलों में 810 पदों पर भर्ती की मंजूरी टीकमगढ़, नीमच, सिंगरौली, श्योपुर और डिंडोरी के अस्पताल होंगे अपग्रेड — मोहन कैबिनेट का निर्णय भोपाल(ईन्यूज एमपी)-मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में बुधवार को हुई मंत्रि परिषद की बैठक में स्वास्थ्य विभाग से जुड़ा बड़ा निर्णय लिया गया। राज्य सरकार ने पाँच जिलों के जिला चिकित्सालयों में 810 नए पदों के सृजन को मंजूरी दी है। इन अस्पतालों की क्षमता भी बढ़ाई जाएगी ताकि जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ मिल सकें। अस्पतालों की क्षमता में बड़ा इजाफा टीकमगढ़, नीमच, सिंगरौली, श्योपुर और डिंडोरी जिलों के अस्पतालों को अपग्रेड किया जाएगा। * टीकमगढ़ जिला अस्पताल को 300 से बढ़ाकर 500 बिस्तर का किया जाएगा। * नीमच और सिंगरौली अस्पतालों की क्षमता 200 से बढ़ाकर 400 बिस्तर की जाएगी। * श्योपुर जिला अस्पताल 200 से बढ़ाकर 300 बिस्तर का होगा। * डिंडोरी जिला अस्पताल की क्षमता 100 से बढ़ाकर 200 बिस्तर की जाएगी। इन अस्पतालों में बढ़े हुए बिस्तरों के अनुरूप डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ और तकनीकी कर्मचारियों की भर्ती की जाएगी। कुल 810 पदों की भर्ती कैबिनेट ने कुल 810 नए पदों को स्वीकृति दी है। इनमें डॉक्टर, पैरामेडिकल और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के पद शामिल हैं। भर्ती नियमित, संविदा और आउटसोर्सिंग तीनों माध्यमों से की जाएगी। इस निर्णय से राज्य सरकार पर लगभग 39.50 करोड़ रुपये का वार्षिक वित्तीय भार आने का अनुमान है। स्वास्थ्य सेवाएँ होंगी मजबूत सरकार का मानना है कि इन नए पदों के सृजन और अस्पतालों की क्षमता बढ़ने से ग्रामीण एवं अर्धशहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा। मरीजों को उपचार के लिए बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। साथ ही स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। कैबिनेट के अन्य प्रमुख निर्णय बैठक में स्वास्थ्य क्षेत्र के साथ अन्य कई महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए— * री-डेंसिफिकेशन पॉलिसी 2022 में संशोधन को मंजूरी दी गई, जिससे भूमि विकास कार्यों में पारदर्शिता और गति आएगी। * प्रदर्शन के आधार पर जिलों को सम्मानित करने की नई नीति स्वीकृत की गई। * किसानों को सहकारी बैंकों के माध्यम से शून्य ब्याज पर ऋण देने की योजना का विस्तार किया गया। शीघ्र शुरू होगी भर्ती प्रक्रिया स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि आगामी सप्ताहों में भर्ती प्रक्रिया, पात्रता और आवेदन की रूपरेखा जारी की जाए। सरकार का लक्ष्य है कि अगले वित्त वर्ष तक अस्पतालों का विस्तार कार्य पूरा कर लिया जाए ताकि आमजन को इसका सीधा लाभ मिल सके।