एमपी में खत्म होगा 5-डे वीक, अब छुट्टियां घटेंगी और सुविधाएं बढ़ेंगी भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन सरकार नए साल से प्रशासनिक कसावट और कर्मचारियों की सुविधाओं को लेकर पांच बड़े बदलाव करने जा रही है। कोरोना काल में शुरू की गई 5-डे वीक व्यवस्था समाप्त की जाएगी। अब सरकारी छुट्टियों में कटौती के साथ क्षेत्रवार अवकाश प्रणाली लागू होगी। इसके साथ ही कर्मचारियों के लिए आयुष्मान जैसी स्वास्थ्य बीमा योजना, केंद्रीय पेंशन नियम, दो से अधिक संतान पर लगी रोक में ढील और भर्ती प्रणाली में सुधार जैसे कदम उठाए जाएंगे। 1. मुख्यमंत्री आयुष्मान स्वास्थ्य बीमा योजना में कैशलेस इलाज की सुविधा राज्य सरकार ‘मुख्यमंत्री आयुष्मान स्वास्थ्य बीमा योजना’ के तहत प्रदेश के लगभग 15 लाख कर्मचारियों, पेंशनर्स और उनके परिवारों को कैशलेस इलाज की सुविधा देने जा रही है। वर्तमान में कर्मचारियों को इलाज का खर्च पहले खुद उठाना पड़ता है, जिसका बाद में आंशिक भुगतान सरकार करती है। नई योजना में कर्मचारियों के वेतन से 3,000 से 12,000 रुपए वार्षिक अंशदान लिया जाएगा, शेष राशि सरकार देगी। सामान्य बीमारियों के लिए 5 लाख और गंभीर बीमारियों के लिए 10 लाख रुपए तक का कैशलेस इलाज मिलेगा। इस योजना में नियमित, संविदा, शिक्षक संवर्ग, नगर सैनिक, सेवानिवृत्त कर्मचारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, पंचायत सचिव, ग्राम रोजगार सहायक, आशा-ऊषा कार्यकर्ता सहित सभी वर्गों के कर्मचारी शामिल होंगे। 2. छुट्टियों में कटौती और क्षेत्रवार अवकाश प्रणाली लागू होगी सरकार 5-डे वीक व्यवस्था को समाप्त कर छुट्टियों के नियमों में बदलाव करने जा रही है। इसके लिए गठित समिति ने ‘क्षेत्रवार अवकाश प्रणाली’ की सिफारिश की है। इस प्रणाली में जिलों को स्थानीय त्योहारों और परंपराओं के अनुसार छुट्टियां घोषित करने का अधिकार मिलेगा। एक रिपोर्ट के अनुसार, साल के 365 दिनों में से 197 दिन छुट्टियों में बीत जाते हैं और कर्मचारी केवल 168 दिन ही काम करते हैं। इसी कारण सरकार छुट्टियों की संख्या कम करने पर विचार कर रही है। 3. केंद्र के समान पेंशन नियम, बेटियों को लाभ राज्य सरकार पेंशन नियमों को केंद्र के नियमों के अनुरूप बना रही है। प्रस्ताव के अनुसार, 25 वर्ष से अधिक उम्र की अविवाहित, विधवा या परित्यक्ता बेटी को भी परिवार पेंशन का लाभ मिलेगा। फिलहाल यह सुविधा केवल 25 वर्ष तक की अविवाहित बेटियों को है। नई व्यवस्था में विधवा बेटी को जीवनभर पेंशन मिलेगी, जब तक वह दोबारा विवाह नहीं कर लेती। दिव्यांग बेटे-बेटियों के लिए आयु की कोई सीमा नहीं रखी जाएगी। 4. सरकारी नौकरी में दो बच्चों की शर्त खत्म होगी राज्य सरकार 26 जनवरी 2001 से लागू दो संतान की शर्त को समाप्त करने जा रही है। संशोधन के बाद तीन संतान वाले उम्मीदवार भी सरकारी नौकरी के पात्र होंगे। यह प्रस्ताव कैबिनेट में पेश किया जाएगा। छत्तीसगढ़ और राजस्थान पहले ही यह शर्त हटा चुके हैं। इस फैसले से मेडिकल एजुकेशन, हेल्थ, स्कूल शिक्षा और उच्च शिक्षा विभाग के कर्मचारियों को राहत मिलेगी। 5. भर्ती प्रक्रिया में सुधार, अब संयुक्त परीक्षा से होगी नियुक्ति सरकार भर्ती प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए 'संयुक्त भर्ती परीक्षा नियम-2025' लागू करने जा रही है। इसके तहत समान योग्यता वाले पदों के लिए एक ही संयुक्त परीक्षा आयोजित की जाएगी। अब उम्मीदवारों को अलग-अलग परीक्षाओं के लिए बार-बार आवेदन नहीं करना पड़ेगा। एमपीपीएससी साल में पांच और कर्मचारी चयन मंडल (ईएसबी) एक बड़ी परीक्षा आयोजित करेगा। शासन स्तर पर इसका ड्राफ्ट लगभग तैयार है और दिवाली के बाद वरिष्ठ सचिव समिति के सामने प्रस्तुत किया जाएगा।