मोहन कैबिनेट के बड़े फैसले: किसानों, पेंशनर्स और उद्यमियों को राहत भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में करीब डेढ़ लाख पेंशनर्स और परिवार पेंशनर्स को छठे और सातवें वेतनमान के तहत महंगाई राहत राशि बढ़ाने की मंजूरी दी गई। इसके साथ ही किसानों के हित में बड़ी घोषणा करते हुए सरकार ने सोयाबीन पर भावांतर भुगतान योजना लागू करने का निर्णय लिया है। नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि सोयाबीन का एमएसपी 5328 रुपये है, लेकिन कई बार मंडियों में यह दर इससे कम होती है। अब राज्य सरकार एमएसपी और मंडी रेट के बीच का अंतर किसानों को भावांतर के रूप में देगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को किसी भी स्थिति में नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। भावांतर राशि के लिए पंजीयन की अंतिम तिथि 17 अक्टूबर तय की गई है। कैबिनेट ने कोदों-कुटकी के नए रेट तय किए हैं। कोदों का समर्थन मूल्य 3500 रुपये प्रति क्विंटल और कुटकी का 2500 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। साथ ही श्री अन्न फेडरेशन के गठन को मंजूरी दी गई है, जो विपणन और वैल्यू एडिशन का कार्य करेगी। इस फेडरेशन को 80 करोड़ रुपये बिना ब्याज के दिए जाएंगे। रेशम उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए केंद्रीय क्षेत्र योजना ‘सिल्क समग्र-2’ में सुधार किया गया है। अब प्रति एकड़ लागत मूल्य 3.65 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपये किया गया है। सामान्य किसानों को 1.25 लाख और एससी-एसटी वर्ग के किसानों को 50 हजार रुपये का अंशदान दिया जाएगा। एमएसएमई क्षेत्र के लिए आरएएमपी योजना के तहत 105.36 करोड़ रुपये के बजट में से 31.60 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है। इससे लघु और मध्यम उद्योगों को प्रोत्साहन मिलेगा। कैबिनेट ने विधायक मधु वर्मा की जान बचाने वाले आरक्षक अरुण भदौरिया को आउट ऑफ टर्न प्रमोशन देने की मंजूरी दी है। साथ ही सरदार पटेल कोचिंग प्रशिक्षण योजना में संशोधन करते हुए प्रशिक्षणरत युवाओं को आवास किराए के रूप में एक हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता देने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा निवाड़ी में भाजपा कार्यालय और भोपाल के फतेहपुर डोबरा में आईआईआईटी के लिए भूमि आवंटन को भी मंजूरी दी गई है। रबी 2023-24 के समर्थन मूल्य पर चमक-विहीन गेहूं की प्रतिपूर्ति के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई है।