“उद्योग और रोजगार” थीम पर होगा मध्यप्रदेश स्थापना दिवस, आयोजन तैयारियाँ जोरों पर भोपाल। इस वर्ष मध्यप्रदेश का स्थापना दिवस 1 नवंबर को “उद्योग व रोजगार” थीम के साथ राज्य उत्सव के रूप में मनाया जाएगा। इसका उद्देश्य प्रदेश के उद्योगों को बढ़ावा देना और रोजगार के अधिक से अधिक अवसर तैयार करना है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रालय में आयोजित बैठक में यह दिशा दी कि प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाया जाए, खासकर उद्योग एवं स्वरोजगार पर जोर दिया जाए। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। मुख्य आकर्षण एवं कार्यक्रम * इस वर्ष “रोजगार के मंदिर हैं उद्योग” के विषय पर युवाओं को रोजगार व आत्मनिर्भरता से जोड़ने वाली गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। * धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन क्षेत्र की गतिविधियों से अर्थव्यवस्था में गतिशीलता और नवाचारों का प्रदर्शन किया जाएगा। * कार्यक्रमों में राज्य स्तरीय आयोजन के अंतर्गत, राजधानी भोपाल में तीन नवंबर को लाल परेड ग्राउंड पर महानाट्य “सम्राट विक्रमादित्य” की प्रस्तुति भी शामिल होगी। * कार्यक्रम में मशहूर पार्श्व गायक जुबिन नौटियाल अपनी प्रस्तुति देंगे। शिक्षा और रोजगार पर विशेष जोर मुख्यमंत्री ने कॉलेजों और विश्वविद्यालयों से कहा कि उन्हें रोजगार और स्वरोजगार को दृष्टिगत रखते हुए पाठ्यक्रम तैयार करने चाहिए। उन्होंने उच्च शिक्षा संस्थानों से यह अपेक्षा की कि उन्हें राष्ट्रीय संस्थानों की तरह विकसित किया जाए और अगले पाँच वर्ष का रोडमैप तैयार हो। राज्यभर में संभाग और जिला स्तर पर भी आयोजन होंगे। कार्यक्रमों की तैयारी को लेकर संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि कोई कमी न रह जाए और जनता के बीच यह उत्सव गर्व और भागीदारी की भावनाओं से सम्पन्न हो।