सफेद शेर की जन्मस्थली को ‘मोहन’ नाम से पहचान दिलाने की कवायद, संजय टाइगर रिजर्व का नाम बदलने पर चर्चा तेज पर्यटन को बढ़ावा देने स्थानीय सलाहकार समिति की बैठक में गर्माया ‘मोहन’ का मुद्दा सीधी, 24 सितम्बर 2025। सफेद शेर की जन्मस्थली को दुनिया में विशिष्ट पहचान दिलाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने की तैयारी शुरू हो गई है। सीधी जिले के संजय टाइगर रिजर्व का नाम बदलकर “मोहन टाइगर रिजर्व” करने का प्रस्ताव सोमवार को आयोजित स्थानीय सलाहकार समिति की बैठक में गूंजा। रीवा संभागायुक्त बी.एस. जामोद की अध्यक्षता में एमपीटी परिसिली रिसोर्ट में आयोजित इस बैठक में विधायक धौहनी कुंवर सिंह टेकाम ने साफ शब्दों में कहा – “मेरा मोहन हमें दे दो और रिजर्व का नाम मोहन टाइगर रिजर्व कर दो।” विधायक के इस बयान के बाद बैठक का पूरा माहौल मोहन के नाम पर केंद्रित हो गया। बैठक में कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी, सीसीएफ एवं क्षेत्र संचालक संजय टाइगर रिजर्व अमित कुमार दुबे सहित वरिष्ठ अधिकारी और समिति के सदस्य मौजूद रहे। पर्यटन को बढ़ावा देने होंगे सुव्यवस्थित प्रयास – कमिश्नर कमिश्नर बी.एस. जामोद ने कहा कि संजय टाइगर रिजर्व को पर्यटन के लिहाज से देश ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि रिजर्व की विशेषताओं का प्रचार-प्रसार प्रमुख रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और एयरपोर्ट पर होर्डिंग्स, सोशल मीडिया और उच्च गुणवत्ता वाली फोटो-वीडियो के जरिए किया जाए। उन्होंने कहा कि बांधवगढ़, संजय टाइगर रिजर्व, चन्द्रेह और मुकुंदपुर सफारी को आपसी कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जा सकता है। इससे न केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और व्यापारिक अवसर भी सृजित होंगे। विधायक टेकाम का जोर – होम स्टे और वाटर स्पोर्ट्स विधायक धौहनी कुंवर सिंह टेकाम ने कहा कि सीधी और संजय दुबरी क्षेत्र में पर्यटन की असीम संभावनाएं हैं। इसके लिए कनेक्टिविटी बढ़ाना और व्यापक प्रचार जरूरी है। उन्होंने स्थानीय लोगों को सीधे रोजगार से जोड़ने के लिए होम-स्टे को बढ़ावा देने का सुझाव दिया। साथ ही देवरी बांध, बरचर बांध और गुलाब सागर में वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियां शुरू करने पर बल दिया। उन्होंने साफ कहा कि सफेद शेर की जन्मस्थली होने के कारण संजय दुबरी टाइगर रिजर्व का नाम बदलकर मोहन टाइगर रिजर्व किया जाए। उनका मानना है कि इससे न सिर्फ क्षेत्र को ऐतिहासिक पहचान मिलेगी, बल्कि पर्यटन के नए आयाम भी खुलेंगे। बढ़ रही है पर्यटकों की संख्या – 70% से अधिक टाइगर साइटिंग क्षेत्र संचालक अमित कुमार दुबे ने जानकारी दी कि संजय टाइगर रिजर्व में पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। वर्ष 2023-24 में 6,400 पर्यटक आए थे, जो 2024-25 में बढ़कर 9,120 हो गए। उन्होंने बताया कि यहां बाघ दिखने का प्रतिशत 70% से अधिक है, जो पूरे प्रदेश में सबसे ज्यादा है। इस साल बड़का डोल बफर क्षेत्र में नाइट सफारी शुरू की जाएगी। इसके साथ ही बड़का डोल कोर और नेबुहा कोर क्षेत्र में भी टाइगर सफारी प्रारंभ करने की तैयारी है। बैठक में बनी आम सहमति बैठक में समिति के सदस्य चंद्रमोहन गुप्ता, संतोष सिंह, डॉ. कैलाश तिवारी, राजेंद्र प्रसाद द्विवेदी (प्रबंधक परिसिली रिसोर्ट), सरपंच दुबरी रानी सिंह और डॉ. अभय सेंगर ने भी अपने सुझाव रखे। बैठक में प्रचार-प्रसार, कॉरिडोर विकास, स्थानीय रोजगार और नाम बदलने जैसे मुद्दों पर व्यापक चर्चा हुई और सभी ने इन प्रयासों को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई।