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सीधी में 1 नवंबर से शुरू होगा आत्मनिर्भर ग्राम पंचायत अभियान, रोज घोषित होंगी जिले की टॉप-3 पंचायतें

सीधी(ईन्यूज एमपी)- जिले की ग्राम पंचायतों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के उद्देश्य से जिला पंचायत सीधी द्वारा 1 नवंबर 2026 से आत्मनिर्भर ग्राम पंचायत अभियान शुरू किया जा रहा है। इस अभियान के तहत ग्राम पंचायतों की स्वयं के स्रोत से होने वाली आय बढ़ाने, वित्तीय अनुशासन स्थापित करने और पंचायतों के कामकाज में पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जाएगा।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सौम्या आनंद ने बताया कि अभियान के माध्यम से ग्राम पंचायतों को स्थानीय संसाधनों से आय अर्जित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके लिए पंचायतों को अपनी आय के संभावित स्रोतों की पहचान कर नियमानुसार करों, शुल्कों और उपयोगकर्ता प्रभारों की वसूली सुनिश्चित करनी होगी। अभियान की प्रगति की नियमित निगरानी पंचायत दर्पण पोर्टल के माध्यम से की जाएगी।

अभियान के अंतर्गत प्रत्येक ग्राम पंचायत अपने क्षेत्र में उपलब्ध आय के स्रोतों को चिह्नित करेगी। इनमें संपत्ति कर, बाजार एवं हाट शुल्क, दुकानों का किराया, जल प्रदाय शुल्क, स्वच्छता शुल्क तथा अन्य अनुमन्य शुल्क शामिल हैं। इन माध्यमों से पंचायतों की स्वयं की आय बढ़ाने के प्रयास किए जाएंगे।

वसूली प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पंचायत दर्पण पोर्टल पर निर्धारित एफटी कोड के माध्यम से ही राशि प्राप्त की जाएगी। प्रत्येक भुगतान की ऑनलाइन रसीद जारी करना और उसका नियमानुसार लेखा संधारण करना अनिवार्य होगा। पंचायतों को अपनी आय एवं वसूली से संबंधित जानकारी पोर्टल पर नियमित रूप से दर्ज और अपडेट करनी होगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्थिति में नियमों और शासन के निर्देशों के विपरीत वसूली नहीं की जाएगी।

अभियान की खास बात यह होगी कि पंचायतों के प्रदर्शन के आधार पर प्रतिदिन जिले की शीर्ष तीन ग्राम पंचायतों की सूची जारी की जाएगी। पंचायत दर्पण पोर्टल के डैशबोर्ड पर उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर स्वयं के स्रोत से आय, उपयोगकर्ता प्रभार और कर वसूली के निर्धारित मानकों पर पंचायतों का मूल्यांकन किया जाएगा।

इस पहल का उद्देश्य ग्राम पंचायतों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा विकसित करना और बेहतर प्रदर्शन करने वाली पंचायतों को प्रोत्साहित करना है।

प्रतिदिन की रैंकिंग के अलावा प्रत्येक माह निर्धारित मानकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली ग्राम पंचायत को जिला स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। इसके लिए पंचायत दर्पण पोर्टल पर दर्ज अभिलेखों और आवश्यक सत्यापन के आधार पर पंचायतों के प्रदर्शन का आकलन किया जाएगा।

अभियान के सफल संचालन के लिए सरपंच, पंचायत सचिव और ग्राम रोजगार सहायकों की महत्वपूर्ण भूमिका निर्धारित की गई है। सरपंच ग्राम पंचायत की आय बढ़ाने के लिए नेतृत्व प्रदान करेंगे और वित्तीय कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करेंगे।

पंचायत सचिव नियमानुसार शुल्कों की वसूली, ऑनलाइन रसीद जारी करने, लेखा संधारण और पंचायत दर्पण पोर्टल पर जानकारी अपडेट करने की जिम्मेदारी निभाएंगे। वहीं ग्राम रोजगार सहायक अभियान के क्रियान्वयन, संबंधित अभिलेखों और पोर्टल प्रविष्टियों को अद्यतन करने में सहयोग करेंगे।

संबंधित जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभियान की नियमित समीक्षा करेंगे। कमजोर प्रदर्शन करने वाली ग्राम पंचायतों को आवश्यक मार्गदर्शन और सहयोग भी उपलब्ध कराया जाएगा।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सौम्या आनंद ने कहा कि अभियान का उद्देश्य केवल अधिक से अधिक राजस्व वसूली करना नहीं है, बल्कि पंचायतों में वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता, जवाबदेही और नियमित निगरानी की व्यवस्था विकसित करना है।

उन्होंने बताया कि स्थानीय संसाधनों से प्राप्त आय का उपयोग ग्राम पंचायतें स्वच्छता, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और अन्य मूलभूत सुविधाओं के रखरखाव एवं सुधार में कर सकेंगी। इससे पंचायतें अपनी आवश्यकताओं के लिए आर्थिक रूप से अधिक सक्षम बनेंगी।

सीईओ जिला पंचायत ने जिले के सभी सरपंचों, पंचायत सचिवों और ग्राम रोजगार सहायकों को निर्देशित किया है कि 1 नवंबर से अभियान को प्राथमिकता के साथ संचालित करें और पंचायतों की आय बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास करें।

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