सीधी(ईन्यूज एमपी)- -प्रगतिशील लेखक संघ मध्य प्रदेश का 14वाँ राज्य सम्मेलन, आगामी 24-25 अक्टूबर 2026 ,"उम्मीद से भर दें ये जहान" इंदौर में आयोजित किया गया है। जिसमें सीधी इकाई से 10 प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। सभी कार्यक्रम स्थल अभिनव कला समाज सभागृह गाँधी हॉल प्रांगण, एम.जी. रोड, इन्दौर में संपन्न होगा। यह जानकारी प्रगतिशील लेखक संघ जिला इकाई सीधी के अध्यक्ष सोमेश्वर सिंह ने दी है। प्रथम दिवश 24 अक्टूबर 2026, शनिवार को उद्घाटन सत्र 10.00 बजे सुबह सुखदेव सिंह सिरसा, जितेन्द्र भाटिया, सेवाराम त्रिपाठी, शैला शिन्ले, सुबोध कुमार श्रीवास्तव, सुरेश शर्मा, जया मेहता, नथमल शर्मा, राजेन्द्र शर्मा, कुमार अम्बुज, रणेन्द्र, विनीत तिवारी, प्रेमचंद गांधी, सुसंस्कृति परिहार, राकेश वानखेड़े के उपस्थिति में प्रारंभ होगा। अधिवेशन का पहला सत्र 10.30 बजे से 1.00 बजे तक विषय "प्रतिरोध का अतीत और वर्तमान की चुनौतियाँ "रखा गया है। जिसके अध्यक्ष मंडल में सेवाराम त्रिपाठी, शैला शिन्ले, आलोक खरे, हरिओम राजोरिया शामिल होंगे। वक्ता के रूप में जितेन्द्र भाटिया, सुखदेव सिंह सिरसा, जया मेहता, रणेन्द्र अपना व्याख्यान देंगे ।आभार अभय नेमा तथा संचालन : पवन करण करेंगे। दूसरे सत्र में 2.00 बजे से 4.00 बजे तक "हाशिये का समाज और साहित्य"विषय पर व्याख्यान रखा गया है। अध्यक्षता राजेन्द्र शर्मा, नथमल शर्मा, सुरेश शर्मा, पैट्रिस फुसकेले, सुसंस्कृति परिहार करेंगे। वक्ता दिनेश भट्ट, असअद अंसारी, आरती, विजेन्द्र सोनी, जितेन्द्र बिसारिया होंग। सायं कालीन जनसत्र 5.30 बजे से 8.30 बजे तक विषय"भूमंडलीय समकाल में लेखकों का हस्तक्षेप" रखा गया है। जिसकी अध्यक्षता अध्यक्ष सेवाराम जी, सुबोध श्रीवास्तव, सुरेश शर्मा करेंगे। जिसमें प्रलेसं अध्यक्ष मंडल के सदस्य, सहयोगी संगठनों के प्रतिनिधियों की सहभागिता होगी केंद्रीय वक्तव्य मुख्य अतिथि गणेश देवी देंगे। अन्य विशिष्ट अतिथियों के रूप में जितेन्द्र भाटिया, सुखदेव सिंह सिरसा, रणेन्द्र कभी व्यक्तत्व होगा।।दूसरे दिन 25 अक्टूबर2026, रविवार पहला सत्र 10.00 बजे से 11.30 बजे तक रखा गया है।"लेखक संगठन, विचार और प्रतिबद्धता"विषय पर वक्त विचार व्यक्त करेंगे। सांगठनिक सत्र 12.00 बजे से 1.30 बजे तक रखा गया है। जिसमें इकाइयों के प्रतिनिधियों के वक्तव्य होंगे 2.30 बजे से 4.30 बजे तक 14वें राज्य सम्मेलन के समक्ष प्रस्तावों की प्रस्तुति की जाएगी। तथा निवृत्तमान कार्यकारिणी द्वारा नयी कार्यकारिणी के प्रस्ताव और अनुमोदन होंगे। राज्य सम्मेलन के आयोजन समिति का मानना है कि साहित्य समाज की स्मृति भी है और उसके भविष्य की संभावना भी ।लेखन केवल शब्द नहीं, एक अधिक मानवीय, न्यायपूर्ण और समान दुनिया के लिए कल्पनाशील स्वप्न है, संवेदित और विचारशील आकांक्षा है ।