सीधी(ईन्यूज एमपी)- पुराने सोनांचल बस स्टैंड से बसों का संचालन दोबारा शुरू कराने और छोटे व्यापारियों की रोजी-रोटी बचाने के लिए सीधी में आवाज बुलंद होने लगी है। बुधवार को सोनांचल बस स्टैंड बचाओ–व्यापार बचाओ संघर्ष समिति के नेतृत्व में व्यापारियों और नागरिकों ने रैली निकालकर प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की। पूर्व विधायक पंडित केदारनाथ शुक्ला की मौजूदगी में कलेक्टर और नगरपालिका अध्यक्ष को ज्ञापन सौंपा गया। समिति का कहना है कि पुराने बस स्टैंड पर बसों का संचालन बंद होने से आसपास के फुटकर दुकानदारों और फुटपाथ व्यापारियों का कारोबार प्रभावित हो रहा है। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों से सीधी आने वाले यात्रियों और विद्यार्थियों को भी आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। समिति ने मांग की कि पुराने सोनांचल बस स्टैंड को यथावत रखते हुए वहां से बसों का संचालन पुनः शुरू किया जाए, ताकि यात्रियों को सुविधा मिलने के साथ छोटे व्यापारियों की आजीविका भी सुरक्षित रह सके। ज्ञापन में बताया गया कि पुराने बस स्टैंड का उद्घाटन 16 सितंबर 1991 को तत्कालीन मुख्यमंत्री सुंदरलाल पटवा के कार्यकाल में हुआ था। समिति के अनुसार, नगर पालिका द्वारा परिसर का जीर्णोद्धार भी कराया गया है और भवन उपयोग के योग्य है। ऐसे में बस स्टैंड का उपयोग जारी रखने की मांग की गई। संघर्ष समिति ने स्पष्ट किया कि वह शहर के विकास के खिलाफ नहीं है, लेकिन विकास के नाम पर छोटे व्यापारियों और आम नागरिकों की परेशानियों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। समिति ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, रीवा संभागायुक्त और जिला प्रशासन से भी मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। रैली में नगरपालिका सीधी के पूर्व उपाध्यक्ष विक्रम सिंह, समाजसेवी आकाश सिंह रिंकू, संजय सोनी, व्यापारी गोपाल दास गुप्ता, रोशन लाल गुप्ता सहित अनेक व्यापारी एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। समिति अध्यक्ष सुनील चौधरी और संरक्षक पंडित केदारनाथ शुक्ला की ओर से प्रस्तुत ज्ञापन के बाद अब व्यापारियों को प्रशासन के निर्णय का इंतजार है।