भोपाल(ईन्यूज एमपी)- बैंक से जुड़े जरूरी काम हैं तो उन्हें आज ही निपटा लेना बेहतर होगा। रविवार की छुट्टी के बावजूद आज 27 सितंबर को सरकारी बैंक खुले रहेंगे। इसके बाद सोमवार 28 सितंबर से बुधवार 30 सितंबर तक बैंक कर्मचारियों की हड़ताल प्रस्तावित है। हड़ताल के कारण बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। बैंक कर्मचारी सप्ताह में पांच दिन काम और दो दिन छुट्टी की मांग को लेकर तीन दिवसीय हड़ताल पर जा रहे हैं। यूनियनों का कहना है कि जब तक सरकार पांच-डे वर्किंग लागू करने की निश्चित तारीख घोषित नहीं करती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। 10 साल बाद रविवार को खुले बैंक रविवार को बैंक खोलने का मौका करीब 10 साल बाद आया है। इससे पहले नवंबर 2016 में नोटबंदी के दौरान रविवार को बैंक खोले गए थे। उस समय पुराने 500 और 1000 रुपये के नोट बदलने, जमा करने और नकदी निकालने के लिए बड़ी संख्या में लोग बैंकों में पहुंचे थे। भीड़ को देखते हुए रविवार को भी बैंकिंग सेवाएं चालू रखी गई थीं। एटीएम से कैश निकालने पर नहीं लगेगा अतिरिक्त चार्ज हड़ताल के दौरान एसबीआई, पंजाब नेशनल बैंक समेत सरकारी बैंकों के एटीएम से नकदी निकालने पर राहत रहेगी। मंथली फ्री लिमिट पूरी होने के बाद भी हड़ताल अवधि में एटीएम से कैश निकालने पर कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं लगेगा। नियम के मुताबिक अपने बैंक के एटीएम से हर महीने पांच बार तक मुफ्त नकद निकासी की सुविधा मिलती है। दूसरे बैंक के एटीएम से मेट्रो शहरों में तीन और अन्य शहरों में पांच मुफ्त लेनदेन की सीमा है। सीमा से अधिक लेनदेन पर सामान्य तौर पर 23 रुपये प्लस जीएसटी शुल्क लगता है। 90 फीसदी से ज्यादा कर्मचारी हड़ताल में शामिल होने का दावा हड़ताल में सात प्रमुख बैंक यूनियनों के शामिल होने की बात कही गई है। इनमें AIBEA, AIBOC, NCBE, AIBOA, BEFI, INBEF और INBOC शामिल हैं। यूनियनों का दावा है कि इन संगठनों से देश के 90 फीसदी से अधिक बैंक कर्मचारी जुड़े हैं। वित्तीय सेवा विभाग, इंडियन बैंक्स एसोसिएशन और बैंक प्रबंधन की ओर से हड़ताल टालने की अपील की गई थी, लेकिन यूनियनों ने इसे स्वीकार नहीं किया। 5-डे वर्किंग और पीएलआई को लेकर विवाद बैंक कर्मचारियों की पांच दिन काम और दो दिन छुट्टी की मांग को लेकर सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच मतभेद बने हुए हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सरकार की ओर से पांच-डे वर्किंग लागू करने का कोई औपचारिक वादा नहीं किया गया है। वहीं कर्मचारी यूनियनें लंबे समय से इस मांग को उठा रही हैं। इसके अलावा अधिकारियों के लिए लागू किए गए परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) को लेकर भी यूनियनों और सरकार के बीच मतभेद हैं। यूनियनें अधिकारियों के लिए नए बोनस प्रावधानों का विरोध कर रही हैं। सरकारी बैंकों में 7.58 लाख कर्मचारी देश के प्रमुख सरकारी बैंकों में लाखों कर्मचारी कार्यरत हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार एसबीआई में 2,36,221, पंजाब नेशनल बैंक में 1,02,746, केनरा बैंक में 81,260, यूनियन बैंक में 73,945 और बैंक ऑफ बड़ौदा में 73,742 कर्मचारी हैं। इसके अलावा बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, यूको बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र और पंजाब एंड सिंध बैंक में भी बड़ी संख्या में कर्मचारी कार्यरत हैं। हड़ताल के दौरान बैंक शाखाओं में कामकाज प्रभावित होने की संभावना है, जबकि डिजिटल बैंकिंग, यूपीआई और एटीएम जैसी सेवाएं उपलब्ध रहने की उम्मीद है।