खंडवा(ईन्यूज एमपी)-खंडवा जिले के आमाखुजरी जंगल में सोमवार को प्रशासन ने बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। वन विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने करीब 200 एकड़ वन भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया। इस दौरान लगभग 600 अधिकारी-कर्मचारी और 30 जेसीबी मशीनें कार्रवाई में शामिल रहीं। अभियान करीब छह घंटे तक चला। प्रशासन के अनुसार, अतिक्रमणकारियों ने वन भूमि पर पेड़-पौधे और झाड़ियां काटकर मक्के की फसल बो दी थी। वन भूमि को मूल स्वरूप में लाने के लिए जेसीबी मशीनों की मदद से अतिक्रमण हटाया गया। कार्रवाई के दौरान किसी भी संभावित विरोध या कानून-व्यवस्था की स्थिति से निपटने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। 60 महिला पुलिसकर्मियों सहित पुलिस दल आंसू गैस के गोले भी साथ लेकर पहुंचा था। हालांकि जंगल के ऊबड़-खाबड़ रास्ते में वाहन को झटका लगने से एक आंसू गैस का गोला गलती से फट गया, जिससे कुछ पुलिसकर्मी उसकी चपेट में आ गए। बाद में सुरक्षा के मद्देनजर गैस की पेटी खोलकर शेष गैस बाहर निकाली गई। अभियान के दौरान कलेक्टर ऋषभ गुप्ता, पुलिस अधीक्षक अगम जैन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेंद्र तारणेकर और वन मंडलाधिकारी राकेश कुमार डामोर सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे और पूरी कार्रवाई की निगरानी करते रहे। गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले रविवार को वन विभाग की टीम जंगल में अवैध बुआई रोकने पहुंची थी। इसी दौरान बड़ी संख्या में मौजूद अतिक्रमणकारियों ने वन अमले का विरोध किया। आरोप है कि महिलाओं को आगे कर गोफन और लाठियों से हमला किया गया तथा पथराव किया गया। इस घटना में आठ वनकर्मी घायल हो गए, जिनका जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वन भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा या अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी ऐसे मामलों में नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।