शहडोल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश के शहडोल जिले में स्थित साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) की बंगवार भूमिगत कोयला खदान में शुक्रवार तड़के एक बड़ा हादसा हो गया। खदान के भीतर निर्माण कार्य के दौरान अचानक हुए एयर ब्लास्ट और छत का हिस्सा धंसने से दो श्रमिकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य श्रमिक गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद खदान क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और तत्काल बचाव एवं राहत अभियान शुरू किया गया। जानकारी के अनुसार हादसा शहडोल मुख्यालय से लगभग 80 किलोमीटर दूर स्थित सोहागपुर क्षेत्र की बंगवार अंडरग्राउंड खदान में हुआ। श्रमिक खदान के अंदर "स्टॉपिंग वॉल" (सुरक्षा दीवार) निर्माण का कार्य कर रहे थे। इसी दौरान अचानक खदान की छत का एक हिस्सा भरभराकर गिर पड़ा, जिससे तेज दबाव वाली हवा का झटका (एयर ब्लास्ट) उत्पन्न हुआ और वहां कार्यरत श्रमिक इसकी चपेट में आ गए। दो श्रमिकों की मौत हादसे में मृतकों की पहचान बल्लू बैगा (43 वर्ष) और गोलू बैगा (30 वर्ष) के रूप में हुई है। दोनों श्रमिक मलबे में दब गए थे और उन्हें बचाया नहीं जा सका। घटना के बाद खदान प्रबंधन, सुरक्षा अधिकारियों और बचाव दल ने तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया। चार श्रमिक घायल हादसे में अंजनी बैगा (38 वर्ष), अमित कुमार यादव (28 वर्ष), प्रेमलाल विश्वकर्मा (39 वर्ष) और राजकुमार यादव (37 वर्ष) घायल हुए हैं। सभी घायलों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। खदान के अंदर चल रहा था सुरक्षा कार्य अधिकारियों के अनुसार जिस स्टॉपिंग वॉल का निर्माण किया जा रहा था, वह भूमिगत खदानों में वेंटिलेशन नियंत्रित करने, खतरनाक गैसों के फैलाव को रोकने तथा खनन समाप्त हो चुके हिस्सों को सील करने के लिए बनाई जाती है। हादसा इसी निर्माण कार्य के दौरान हुआ। जांच के आदेश घटना के बाद प्रभावित क्षेत्र को तत्काल सील कर दिया गया है। खदान सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है। **डायरेक्टरेट जनरल ऑफ माइंस सेफ्टी (DGMS)** की टीम को भी जांच सौंपी गई है, जो घटनास्थल का निरीक्षण कर हादसे के कारणों का पता लगाएगी। प्रारंभिक तौर पर छत की कमजोर चट्टानों और मिट्टी के अचानक धंसने को हादसे का कारण माना जा रहा है। क्षेत्र में शोक की लहर हादसे की खबर मिलते ही मृतक श्रमिकों के परिवारों में मातम छा गया। स्थानीय लोगों और श्रमिक संगठनों ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए खदानों में सुरक्षा मानकों को और मजबूत करने की मांग की है। वहीं, SECL प्रबंधन ने घायलों के समुचित उपचार और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई का आश्वासन दिया है। सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल बंगवार खदान में हुए इस हादसे ने एक बार फिर भूमिगत खदानों में श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। श्रमिक संगठनों का कहना है कि खदानों में नियमित निरीक्षण, छत की मजबूती की जांच और सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित किए बिना इस तरह की घटनाओं को रोकना मुश्किल है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हादसे के वास्तविक कारणों और जिम्मेदारियों का खुलासा हो सकेगा। ([Hindustan Times][2])