सीधी (ईन्यूज़ एमपी): बाल अधिकारों की सुरक्षा और किशोर न्याय व्यवस्था को मजबूत करने के लिए राज्य शासन ने बड़ा कदम उठाया है। किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम 2015 (संशोधन 2021) की धारा 27 के तहत बाल कल्याण समिति एवं किशोर न्याय बोर्ड के नए सदस्यों की अधिसूचना जारी की गई है। बाल कल्याण समिति को मिली नई जिम्मेदारी: राज्य शासन द्वारा सीधी जिले के लिए श्री शांत शिरोमणि पयासी को बाल कल्याण समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही श्री सिद्धार्थ तिवारी, श्री सचीन्द्र कुमार मिश्र, श्रीमती रंजना मिश्रा एवं श्री अजीत कुमार द्विवेदी को समिति का सदस्य बनाया गया है। इन सभी की नियुक्ति तीन वर्षों के लिए की गई है। किशोर न्याय बोर्ड के भी नए सदस्य नियुक्त इसके अलावा, श्रीमती निशा मिश्रा और श्री धर्मेंद्र शुक्ला को किशोर न्याय बोर्ड के सदस्य के रूप में नामित किया गया है। इनकी भी अवधि तीन वर्षों के लिए निर्धारित की गई है। क्या होगा इन समितियों का कार्य? बाल कल्याण समिति उन बच्चों की देखरेख करेगी जो अनाथ, बेसहारा या किसी भी प्रकार के उत्पीड़न का शिकार हुए हैं। किशोर न्याय बोर्ड उन नाबालिग अपराधियों के मामलों को देखेगा, जिन्हें सुधारात्मक कदमों के तहत न्याय और पुनर्वास की जरूरत है। बच्चों के भविष्य की सुरक्षा की दिशा में अहम फैसला! राज्य शासन का यह कदम मध्यप्रदेश में बाल अधिकारों की सुरक्षा को और मजबूत करेगा। यह समिति एवं बोर्ड सुनिश्चित करेंगे कि किसी भी बच्चे के साथ अन्याय न हो और उन्हें सुरक्षित माहौल मिले।