भोपाल(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। मुख्यमंत्री ने मंत्रियों को निर्देश दिए हैं कि वे स्वामित्व योजना के तहत जिन गांवों में आबादी भूमि पर काबिज हितग्राहियों की 100 प्रतिशत रजिस्ट्री पूरी हो चुकी है, वहां पहुंचकर दिवाली और गोवर्धन पूजा का उत्सव मनाएं। मंत्री स्थानीय नागरिकों के बीच पहुंचकर उनकी खुशियों में शामिल होंगे और योजना के लाभों की जानकारी भी देंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि स्वामित्व योजना के तहत रजिस्ट्री का आंकड़ा 50 लाख से बढ़कर 60 लाख तक पहुंचने का अनुमान है। सरकार हितग्राहियों की रजिस्ट्री का शुल्क स्वयं वहन कर रही है। इस पूरी प्रक्रिया पर करीब 10 हजार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। सरकार अब तक इसके लिए 3,800 करोड़ रुपये मंजूर कर चुकी है। एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप के अनुसार, प्रदेश में अब तक 15 लाख रजिस्ट्रियां हो चुकी हैं। 15 नवंबर तक 20 लाख रजिस्ट्रियों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। कैबिनेट बैठक में जल संसाधन विभाग की सिंचाई परियोजनाओं को जारी रखने का निर्णय लिया गया। इनमें मऊगंज-सिंगरौली क्षेत्र की हनुमना सिंचाई परियोजना भी शामिल है। इस परियोजना से करीब 1.20 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा मिलने का लक्ष्य है। इसके अलावा पन्ना जिले की मझगवां मध्यम सिंचाई परियोजना और विदिशा जिले की लटेरी तहसील की सिंचाई परियोजना को भी जारी रखने का फैसला लिया गया। शिप्रा नदी में पानी लाने के उद्देश्य से सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी परियोजना के लिए 136 करोड़ रुपये अतिरिक्त स्वीकृत किए गए हैं। कैबिनेट ने वन विभाग की आठ योजनाओं को वर्ष 2031 तक जारी रखने की मंजूरी दी है। इनके लिए 15,200 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। वन भूमि के उपयोग के बाद दूसरे स्थानों पर वनीकरण के लिए 1,994 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वहीं, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग की इन्वेस्टमेंट प्रमोशन योजना के लिए 610 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में अधोसंरचना विकास के लिए मुख्यमंत्री नगरीय क्षेत्र अधोसंरचना निर्माण योजना को दो साल तक जारी रखने का निर्णय लिया गया है। यह योजना 1 अप्रैल 2027 से 31 मार्च 2029 तक संचालित होगी। इसके लिए अतिरिक्त 700 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। योजना के तहत शहरों में पेयजल व्यवस्था, साफ-सफाई, स्ट्रीट लाइट, सड़क, नाली, श्मशान घाट, सामुदायिक भवन, रैन बसेरे और खेल मैदानों सहित अन्य बुनियादी सुविधाओं का विकास किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने अर्बन ग्रोथ कॉन्क्लेव के दौरान प्रदेश के शहरी विकास का रोडमैप भी प्रस्तुत किया। इसके तहत 15 नए सैटेलाइट टाउन विकसित करने, सड़क नेटवर्क का विस्तार करने और अलग-अलग रीजन के विकास प्रस्ताव तैयार करने की योजना है। अर्बन चैलेंज फंड के अंतर्गत 2,013 करोड़ रुपये के एमओयू भी किए गए हैं। खेतों में नीलगाय और हिरण से फसलों को हो रहे नुकसान को देखते हुए वन विभाग ने नई पहल की है। अफ्रीका के विशेषज्ञों से प्रशिक्षण लेने के बाद प्रदेश के वन अधिकारियों ने बोमा तकनीक से करीब 2 हजार नीलगाय और हिरण पकड़कर अभयारण्यों में छोड़े हैं। किसानों को राहत देते हुए धान खरीदी के लिए पंजीयन की अंतिम तारीख बढ़ाकर 4 नवंबर कर दी गई है। इससे पंजीयन से छूटे किसानों को अपना रजिस्ट्रेशन कराने का अतिरिक्त अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि अगली कैबिनेट बैठक 18 नवंबर को गांधी सागर में आयोजित की जाएगी। इसमें किसान कल्याण और उद्योग से जुड़े विषयों पर विशेष चर्चा होगी। वहीं 15 नवंबर को भगवान बिरसा मुंडा की जयंती राज्य और जिला स्तर पर भव्य रूप से मनाई जाएगी। इसकी तैयारियों को लेकर 5 नवंबर को मुख्यमंत्री निवास पर बैठक आयोजित होगी। 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान के तहत जबलपुर में पदयात्रा आयोजित की गई। मुख्यमंत्री ने इस दौरान संवैधानिक संस्थाओं को लेकर विपक्ष की भूमिका पर सवाल उठाए। भोपाल में मंगलवार को प्रस्तावित रैली का नेतृत्व रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे। इसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी शामिल होंगे।