enewsmp.com
Home मध्य प्रदेश MP के तीन राज्यसभा सांसदों को हाईकोर्ट की अंतिम चेतावनी, जवाब नहीं दिया तो खत्म होगा पक्ष रखने का अधिकार

MP के तीन राज्यसभा सांसदों को हाईकोर्ट की अंतिम चेतावनी, जवाब नहीं दिया तो खत्म होगा पक्ष रखने का अधिकार

जबलपुर(ईन्यूज एमपी)- मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने राज्यसभा चुनाव से जुड़ी एक चुनाव याचिका में भाजपा के तीन निर्वाचित सांसदों को जवाब दाखिल करने का अंतिम अवसर दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय में जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया तो उनका लिखित जवाब दाखिल करने का अधिकार समाप्त कर दिया जाएगा।

यह मामला कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन की ओर से दायर चुनाव याचिका से संबंधित है। न्यायमूर्ति बीपी शर्मा की एकलपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए अगली तारीख 27 नवंबर निर्धारित की है।

महेश केवट के निर्वाचन को दी गई चुनौती

याचिका में भाजपा के निर्वाचित राज्यसभा सदस्य महेश केवट के निर्वाचन को चुनौती दी गई है। इसके साथ ही मीनाक्षी नटराजन ने चुनाव प्रक्रिया के दौरान अपना नामांकन निरस्त किए जाने को भी अनुचित बताया है। याचिका में तरुण चुग और रजनीश कुमार अग्रवाल को भी प्रतिवादी बनाया गया है। तीनों सांसदों का निर्वाचन निर्विरोध हुआ था।

आपराधिक शिकायत की जानकारी नहीं देने पर निरस्त हुआ था नामांकन

दरअसल, तेलंगाना में लंबित एक आपराधिक शिकायत से संबंधित जानकारी नामांकन पत्र के साथ जमा किए गए शपथपत्र में नहीं देने के आधार पर निर्वाचन अधिकारी ने मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त कर दिया था। इस फैसले को उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।

सुप्रीम कोर्ट ने 12 जून 2026 को उनकी याचिका खारिज करते हुए चुनाव याचिका के माध्यम से उचित कानूनी चुनौती देने की स्वतंत्रता दी थी। इसके बाद मीनाक्षी नटराजन ने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दायर की।

निर्वाचन आयोग के नाम हटाने पर अलग आदेश

सुनवाई के दौरान निर्वाचन आयोग की ओर से अधिवक्ता सिद्धार्थ सेठ ने कोर्ट को बताया कि भारत निर्वाचन आयोग और मुख्य निर्वाचन अधिकारी का नाम प्रकरण से हटाने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया गया है। वहीं, निर्वाचन अधिकारी अरविंद शर्मा को व्यक्तिगत रूप से पक्षकार बनाए जाने के कारण वे अपना अलग जवाब पेश करेंगे।

हाईकोर्ट ने नाम हटाने संबंधी आवेदन पर अलग से आदेश पारित करने की बात कही है। अब 27 नवंबर को होने वाली अगली सुनवाई में यह महत्वपूर्ण होगा कि तीनों प्रतिवादी सांसद अपना जवाब दाखिल करते हैं या नहीं।

Share:

Leave a Comment